उदय भान यादव उर्फ गौरी को मारने वाली एसटीएफ को दिया गया 27 लाख का इनाम

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

चित्रकूट में 5.50 लाख के इनामी डकैत उदय भान यादव उर्फ गौरी को मारने वाली एसटीएफ को 27 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा । शनिवार शाम उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने एसटीएफ के 9 सदस्यों को 27 लाख इनाम देने की घोषणा की है । एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कल हमारी टीम को 27 लाख रुपए सामूहिक इनाम दिया गया है यह इनाम उत्तर प्रदेश शासन के गृह सचिव अवनीश अवस्थी ने दिया है । बता दें , 30 अक्टूबर को मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में आतंक का पर्याय बने 5.50 लाख के इनामी डकैत गौरी यादव को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने मार गिराया । चित्रकूट के बाहिलपुरवा के माधा के पास जंगल में गिरोह और यूपी एसटीएफ की मुठभेड़ हुई थी । दोनों ओर से सैकड़ों राउंड फायरिंग हुई । मुठभेड़ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले थे ।

शौक में डकैत बना गौरी 

गौरी 2005 से डकैती की दुनिया में उतरा था । पहले वह ददुआ ठोकिया का झूला टांगने का काम करता था । बाद में वह एसटीएफ का मुखबिर बनकर पुलिस की मुखबिरी किया करने लगा । ददुआ ठोकिया के खात्मे के बाद स्वयं जंगल में सरदार बनकर उतरा । जंगल के गांव में रहने वाला उदय भान यादव उर्फ गौरी डकैतों की धमक देखकर स्वयं डकैतों के साथ रहकर डकैती सीखने लगा था ।

इनको मिलेगा इनाम 

• अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार 

• अपर पुलिस महानिदेशक 

  अमिताभ यश निरीक्षक जयप्रकाश राय 

• उप निरीक्षक अमित तिवारी 

● उप निरीक्षक संतोष सिंह मुख्य 

   आरक्षी  राजकुमार शुक्ला 

• आरक्षी शिवानंद शुक्ला कमांडो 

   विनोद कुमार सिंह 

• कमांडो अस्तभान यादव ●

ददुआ और ठोकिया के बाद बड़ा डकैत था गौरी -

ददुआ और ठोकिया के डकैत गौरी यादव बीहड़ में बाद बड़ा नाम बन चुका था । गौरी यादव काफी लंबे समय से अंडरग्राउंड चल रहा था । मार्च 2021 को अचानक ही इसने चित्रकूट के जंगलों में फायरिंग कर दहशत फैला दी थी । करीब 20 साल पहले डकैती की दुनिया में एंट्री करने वाले गौरी यादव ने 2005 में अपना अलग गैंग बनाया था । 2008 में ददुआ और कुछ दिन बाद ठोकिया के मारे जाने के बाद 2009 में गौरी यादव भी गिरफ्तार हो गया था । बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया था ।

5 विधानसभा में डकैत का दबदबा डकैत गौरी का मध्य प्रदेश के रीवा और सतना की 3 विधानसभा में दबदबा था । रीवा की त्योथार विधानसभा , सिरमौर विधानसभा , सतना की चित्रकूट विधानसभा , चित्रकूट की मऊ मानिकपुर विधानसभा , कर्वी विधानसभा , बांदा की नारायनी विधानसभा में डकैत का दबदबा था ।

उप्र और मप्र में 85 मामले दर्ज थे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में लगभग 85 मामले दर्ज थे । डकैत का पहला मामला 2005 में नयागांव थाना मध्य प्रदेश में लूट का दर्ज हुआ था चित्रकूट जनपद उत्तर प्रदेश के मारकुंडी थाने में 2005 में अपहरण कर फिरौती मांगने का मामला दर्ज हुआ था । 2013 में डकैत ने बेलाहरी गांव में आए दिल्ली पुलिस के दरोगा की गोली मारकर हत्या कर दी थी । उदय भान के ऊपर से बचपन में ही पिता का साया उठ गया था यह डकैत 11 तक की पढ़ाई कर डकैती कि दुनिया में आ गया था