मौलाना फिरोज आलम के जेल जाने से नेपाल में रह रहे परिवार का रो रो कर बुरा हाल

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

संदीप कुमार 

संयुक्त टीम की जांच में मौलाना फिरोज आलम पाया गया था दोषी

जिसको पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा था जेल

गाजीपुर : फतेहपुर जिला के गाजीपुर कस्बा में रह रहा था नेपाली मौलाना जो कि सोशल मीडिया में बना चर्चा का विषय दरअसल मौलाना फिरोज आलम नेपाल देश का निवासी हैं जो कि 2001 में भारत देश के फतेहपुर जिला मैं तालीम लेने आया था तालीम पूरी हो जाने के बाद मौलाना फिरोज आलम को गाजीपुर में स्थित बड़ी मस्जिद का मौलाना बना दिया गया था मौलाना बनने के बाद फिरोज आलम ने बच्चों को तालीम देने का काम करने लगा और नवाज भी अदा करने लगा ग्रामीणों ने बताया कि उनके ऊपर लगे धर्म परिवर्तन और बच्चों को गलत शिक्षा देने की बात बेबुनियाद हैं उन्हें फर्जी तरीके से फंसाया गया है। साथ ही सैकड़ों ग्रामीणों ने यह भी कहा कि दस्तावेज जैसे आधार कार्ड पैन कार्ड वोटर आईडी और पासपोर्ट की तो वो कई साल से रह रहे थे जो की आवश्यकता उपरांत उन्होंने बनवाया था। सवाल यह खड़ा होता है की पासपोर्ट बनाते समय पुलिस वेरीफिकेशन और एलायू  की भी वेरिफिकेशन की आवश्यकता होती है। लेकिन तब अगर पासपोर्ट बनाते समय पुलिस सही तरीके से जांच की होती तो तभी फिरोज आलम गिरफ्त में आ गए होते कहीं ना कहीं फर्जी दस्तावेज बनवाने में पुलिस का भी हाथ रहा होगा।गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि फिरोज आलम एक नेक आदमी थे उनको ज्यादा इधर-उधर से मतलब नहीं था कुछ लोगों ने किसी बात को लेकर  फिरोज आलम पर एतराज जाहिर की थी तो ना चाहते हुए फिरोज आलम को मस्जिद से मौलाना पद से हटा दिया गया था। मस्जिद से चले जाने के बाद फिरोज आलम कस्बे में एक किराए के घर में रहने लगे थे लोगों ने यह भी बताया कि मस्जिद से हटा देने के बाद जी नहीं भरा तो उनके ऊपर फर्जी मुकदमा लगवाकर जेल भिजवा दिया। लोगों ने यह भी बताया कि फिरोज आलम को जेल जाने के बाद नेपाल देश में रह रहे फिरोज आलम के परिवार का रो रो कर बुरा हाल है।










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