नीरज चोपड़ा के गोल्ड जीतने पर पंजाब के CM ने की 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा ने शनिवार को टोक्यो में खेले जा रहे ओलंपिक खेलों में वो कर दिखाया, जिसका इंतजार देशवासियों को लंबे समय से था। उन्होंने खेलों के 15वें दिन भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय खेलों में नया इतिहास रचा। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर भाला फेंका, जो कि सोने का तमगा हासिल करने के लिए पर्याप्त था। यह ओलंपिक एथलेटिक्स में भारत का पहला मेडल है। इससे उन्होंने भारत का एथलेटिक्स में ओलंपिक मेडल जीतने का पिछले 100 साल से भी अधिक का इंतजार समाप्त कर दिया। इसके बाद उन पर पैसों की जमकर बारिश की गई। सबसे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें 6 करोड़ रुपये नगद देने का ऐलान किया। उनके लिए पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नगद पुरस्कार ने घोषणा की।

अमरिंदर सिंह ने टोक्यो ओलंपिक्स में एथलेटिक्स मुकाबलों में भारत का पहला गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए दो करोड़ रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी भारतीयों और पंजाबियों के लिए गौरव का क्षण है। भारतीय सेना में नायाब सूबेदार के पद पर तैनात नीरज के परिवार की जड़ें पंजाब में हैं।

नीरज को ओलंपिक से पहले ही पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है और इस 23 वर्षीय एथलीट ने अपेक्षानुरूप प्रदर्शन करते हुए क्वालीफिकेशन में अपने पहले प्रयास में 86.59 मीटर भाला फेंका और टॉप पर रहकर फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में उन्होंने पहले प्रयास में 87.03 मीटर भाला फेंका था और वे शुरू से ही पहले स्थान पर चल रहे थे। तीसरे प्रयास में वे 76.79 मीटर भाला ही फेंक पाए जबकि चौथे प्रयास में फाउल कर गए। उन्होंने छठे प्रयास में 84.24 मीटर भाला फेंका, लेकिन इससे पहले उनका गोल्ड मेडल पक्का हो गया था। चेक गणराज्य के जाकुब वादलेच ने 86.67 मीटर भाला फेंककर सिल्वर जबकि उन्हीं के देश के वितेजस्लाव वेस्ली ने 85.44 मीटर की दूरी तक भाला फेंका और ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।