हॉकी मेंस टीम के ओलंपिक मेडल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया ऐतिहासिक

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

भारतीय मेंस हॉकी टीम ने इतिहास रच डाला है। मनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली इस टीम ने हॉकी में भारत को 41 साल बाद ओलंपिक मेडल दिलाया है। इस जीत में भारतीय टीम के गोलकीपर श्रीजेश का भी बड़ा हाथ रहा है, जो गोलपोस्ट के आगे दीवार बनकर खड़े रहे और जर्मनी को ज्यादा मौके का फायदा नहीं उठाने दिया। भारत की ओर से हार्दिक सिंह ने दो गोल दागे। ब्रोन्ज मेडल के मुकाबले में भारत ने जर्मनी को 5-3 से हराया। एक समय भारतीय टीम 0-1 से पिछड़ रही थी। दूसरे और तीसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने जबर्दस्त पलटवार करते हुए जर्मनी को बैकफुट पर ढकेल दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की इस जीत को ऐतिहासिक बताया है।

पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा- 'ऐतिहासिक! ऐसा दिन जो हर भारतीय की यादों में रहेगा। मेंस हॉकी टीम को ब्रोन्ज मेडल जीतने के लिए बधाई। इस जीत के साथ उन्होंने पूरे देश की कल्पना को सच कर दिखाया, खासकर युवाओं की। भारत को अपनी हॉकी टीम पर गर्व है।'

भारतीय मेंस हॉकी टीम जिस तरह से इस मैच में खेली, उसने युवाओं के लिए एक मिसाल कायम की है। टोक्यो ओलंपिक में यह भारत के लिए पांचवां मेडल है। इससे पहले वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और महिला बॉक्सर लवलीना ने ब्रोन्ज मेडल जीते हैं। रेसलिंग में रवि दहिया फाइनल में जगह बना चुके हैं और कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर चुके हैं।