नहर टूटने से सैंकड़ों बिघा धान की फसल डूबी

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क    

 रात में हुई थी नहर टूटने की घटना , मौके पर पहुंचे विभाग के बेलदारों सहित मजदूर पानी के बहाव रोकने में लगे।         

 कोपागंज मऊ। रविवार की रात शारदा सहायक खंड 32 की मेन नहर टूट गई। नहर टूटने से सैंकड़ों बिघा धान की फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि बार बार नहर टूटने से सैंकड़ों बिघा धान की फसल जलमग्न होने के बावजूद नहर विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं टूट रहीं है। कहां कि कुछ ही दिनों पहले कनियारी पुर में छोटी नहर टूटने से खेतों में लबालब पानी भरा था। अब मुख्य नहर ही टूट गई। किसानों का कहना है कि नहर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के चलते किसानों की धान की खेती उनके सामने ही डूब गई । किसान नेता राम नवल राही ने कहां कि नहर जर्जर हो गया है। नहर में खरपतवार जमे हुए हैं। कहां कि जयराम गढ़ नाला जगह जगह अवरूद्ध कर देने से और भी स्थिति खराब हो गई है। कहां कि विभाग साल भर नींद में सोए रहता है। बरसात से पहले नहर की स्थिति क्या है , इसकी पड़ताल कभी नहीं होती। और जब बरसात में नहर में पानी का ओवर फ्लो होता है तो जर्जर नहर टूट जाती है। बहरहाल हाल नहर टूटने की सुचना किसी तरह किसानों ने विभाग के अधिकारियों को दी। जिसके बाद वहां नहर विभाग के बेलदार सहित आधा दर्जन मजदूर मौके पर पहुंचे और पानी बहाव रोकने के लिए लग गये। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक किसान अपनी आंखों के सामने फसल डूबते देखेंगे।