नव वर्ष सुखकारी हो

नवल वर्ष की मंगल बेला, सर्व जनों को हितकारी हो,

शोक दुख सब मिट जाये, सुख सबको मंगलकारी हो।

        विदा करें हम विगत वर्ष को, 

         खट्टे मीठे अनुभव के साथ।

         स्वागत नए वर्ष का करते

         लाए खुशियों की बरसात।

हर मन की पीड़ा मिट जाये, पुलकित सब नर नारी हो, 

नवल वर्ष की मंगल बेला, सर्व जनों को हितकारी हो।

        प्रीति गीत की रसधार बहे

       सबके हाथ रोजगार रहे

       न कोई महामारी आए

      चहुंदिशि खुशियां अपार छाए।

बिहंसा बिहंसा हर आंगन हो, गूंजे हर घर किलकारी हो,

नवल वर्ष की मंगल बेला, सर्व जनों को हितकारी हो।

         ज्यों उदित भानु होता प्रभात

  इक नवल दिवस इक नव प्रकाश

      अब न कोई अंधियारा हो

 ज्योतित प्रांगन प्रसरण प्रकाश। 

खिलें पुहुप अब उम्मीदों के, कुसुमित हर मन की क्यारी हो। 

नवल वर्ष की सुखमय बेला, सर्व जनों को हितकारी हो।

   विश्व बंधुत्व की प्रबल भावना

     सरल सहज हो करें साधना

     देश धर्म की हर सीमा को

   अलका दिल की डोर बांधना

प्रेम पास में बांधे बंधन,नव नव खुशियों की बारी हो,

नवल वर्ष की मंगल बेला, सर्व जनों को हितकारी हो।


अलका गुप्ता 'प्रियदर्शिनी'

लखनऊ उत्तर प्रदेश।