युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। त्रिनबागो नाइट राइडर्स के स्पिनर सुनील नरेन के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। सुनील नरेन को क्रिकेट इतिहास का पहला रेड कार्ड दिया गया। बता दें कि कैरिबियन प्रीमियर लीग के नए सीजन के 12वें मैच में त्रिनबागो नाइट राइडर्स और सेंट किट्स एंड नेविस पेट्रियोट्स के बीच मुकाबला खेला जा रहा था।
इस मैच के दौरान अंपायर्स ने सुनील नरेन को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर किया। आमतौर पर ये नियम फुटबॉल और हॉकी के मैचों में देखने को मिलता है, लेकिन आयोजकों ने इस लीग के मौजूदा सीजन से नया नियम लागू किया गया है। ऐसे में इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं क्यों आखिरकार सुनील नरेन को रेड कार्ड दिया गया?
दरअसल, कैरिबियाई प्रीमियर लीग में रेड कार्ड के नियम को लागू किया गया। नियम के अनुसार, रेड कार्ड तभी दिया जाएगा, जब गेंदबाजी करने वाली टीम 20वें ओवर की शुरुआत में तय समय से पीछे रह जाएगी। लीग में एक पारी के लिए 85 मिनट का नियम तय किया गया है। इसका मतलब हर ओवर को 4 मिनट 15 सेकंड में खत्म करना होगा।
इस नियम से 19वां ओवर 80 मिनट 45 सेकेंड में पूरा होना चाहिए। अगर इससे ज्यादा समय हो जाता है, तो ऑनफील्ड अंपायर गेंदबाजी करने वाली टीम को रेड कार्ड दिखाएगा। यह टीम के कप्तान को तय करना है कि वह किस खिलाड़ी को कार्ड के चुनेगा।
ऐसा ही नजारा त्रिनबागो नाइट राइडर्स और सेंट किट्स एंड नेविस टीम के बीच खेले गए मैच में देखा गया। कप्तान किरोन पोलार्ड ने रेड कार्ड के लिए सुनील नरेन को चुना, क्योंकि उनके 4 ओवर पूरे हो चुके थे और उन्होंने 3 विकेट भी चटका लिए थे।
अगर बात करें मैच की तो त्रिनबागो नाइट राइडर्स को इस रेड कार्ड के बावजूद जीत हासिल हुई। सेंट किट्स एंड नेविस ने मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 178 रन बनाए थे। इसके जवाब में नाइट राइडर्स ने 18वें ओवर की पहली गेंद पर लक्ष्य हासिल किया।