जाने के बाद।

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क


कुछ हो जाने के बाद,

उसके बारे में क्यों सोचना,

कुछ खो जाने के बाद,

उसे सोच कर क्यों रोना।


कुछ हो जाने के बाद,

उससे जरूरी है सीखना,

कुछ खो जाने के बाद,

अहमियत रखें, बाकी है हमारे पास जितना।


कुछ हो जाने के बाद,

क्यों उदासी में रहना,

कुछ खो जाने के बाद,

क्यों उसके बारे में बार-बार कहना।


कुछ हो जाने के बाद,

वर्तमान और भविष्य को 

बेहतरीन बनाना,

कुछ खो जाने के बाद,

जो है उसे शिद्दत से बचाना और बढ़ाना ।।


डॉ. माध्वी बोरसे!