पैसा माई बाप

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क


पैसा ही जग ने सब कुछ,

बिन पैसे कोई काम नहीं।

राजा हो या रंक यहां,

बिन पैसे विश्राम नहीं।


रिश्ते नाते सब पैसे के,

बिन पैसे कोई बात ना पूछे।

जैसा हो इंसान वह ,

उसको इज्जत वैसी बख्शे।


पैसा मान दिलाता है,

व्यवहार खूब निभाता है।

बिन पैसे कोई रिश्ता नहीं

पैसा माई बाप कहलाता है।


पैसे वाले में सब गुण,

खोट न कोई दिखता है।

कर ले व तो चाहे जो भी,

ऐब भी शौक कहे जाते ।


पैसे  मैं है बड़ा सकून,

पैसे की है कीमत बढ़ी।

पैसे की होती है पूजा,

बिन पैसे देखो सब सून।


हर काम यहांँ पैसे से होते,

सुबह से रात सोने के बाद।

पैसे का मीटर है चलता,

बिन पैसे कोई काम नहीं।


सही कहा है देखो जग में,

बिन पैसे आराम नहीं।

पैसे वाले का नाम है जग में

बिन पैसे कोई दाम नहीं।


             रचनाकार ✍️

             मधु अरोरा