लगभग 30 वर्षो से किसानो को नही मिल रहा माइनर से पानी , फिर भी बार बार कराई जा रही माइनर की सफाई

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

ब्यूरो , सीतापुर : जनपद सीतापुर की तहसील महमूदाबाद क्षेत्र के ब्लॉक पहला की कई ग्राम पंचायतों से होकर निकलने वाले माइनर में लगभग 30 वर्षो से पानी ही नहीं आया लेकिन ब्लॉक पहला के अधिकारियों के द्वारा इसी माइनर की प्रत्येक वर्ष में लगभग दो बार साफ सफाई कराकर सरकार के रुपयों को बेकार में खर्च किया जा रहा है और यह माइनर खेतमनी, पहला, सरैया ,सैर , वाजिद नगर / लालपुर, कोरार / गनेशपुर , न्यामतपुर लबरहा, सरैया बलदेव सिंह, सिरौली, कांसा , बंभौरा आदि ग्राम पंचायतों से होकर निकलती है । जिसका पानी आगे झील में गिरता था। यह जानकारी सुखदेव प्रसाद के द्वारा प्राप्त हुई है। और उन्होने यह भी बताया कि माइनर (नहर ) में काफी वर्षो से पानी न आने के कारण कुछ लोगो के द्वारा नहर की भूमि को जोत कर अपने अपने खेतों में मिला दिया है ।

 और वही किसान वंशीधर ने बताया कि शारदा सिंचन विभाग रजबहा मलेथू माइनर फिरोजपुर ,माइनर लबरहा , सिरौली कांसा आदि माइनरों में पानी आने लगे तो किसानों की फसलों को लाभ मिलने लगे। जिससे फसल की पैदावार बढ़ने लगे । और वही किसान अनिल कुमार ने बताया कि यदि समय से नहर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपरोक्त नहर विभाग कि भूमि पर नजर डालते रहते तो शायद आज आगे नहर विभाग कि भूमि सुरक्षित बनी रहती है । 

और अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं है । सरकार चाहे तो एक माह के अंदर ही इस नहर को चालू करा सकती है । और इस माइनर की साफ सफाई संबन्धित ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधानो के द्वारा कराकर धन राशि नहर कि सफाई व खुदाई पर खर्च की जा रही है । परंतु किसी भी ग्राम प्रधान , क्षेत्र पंचायत सदस्य, सदस्य जिला पंचायत , ब्लॉक प्रमुख , खंड विकास पहला के अधिकारियों सहित नहर विभाग के अधिकारियों के द्वारा इस माइनर की साफ सफाई करवाने पर तो ध्यान दिया जा रहा है । मगर माइनर में पानी न आने पर किसी भी संबन्धित अधिकारी एवं समाजसेवियों कि नजर उपरोक्त माइनर पर क्यों नहीं पड़ रही है । 

वही कई किसानों से उपरोक्त माइनर में पानी न आने व बार बार सफाई करवाने के संबंध में बातचीत गई तो किसान रामजीत ने बताया कि लगभग 30 वर्षो से इस माइनर (नहर) में पानी ही नहीं है । और कहा कि जब हम लोग छोटे छोटे थे तो इसी माइनर में इतना पानी आता था । जिससे हमारे गाँव के बाबा , दादा , काका सहित  पिता जी माइनर (नहर) के पास स्थित खेतों की सिंचाई किया करते थे । 

और माइनर (नहर)  के पानी से खेतो में फसल भी खूब पैदा होती है । फसल ज्यादा पैदा होने का मुख्य कारण नहर में समय से पानी का मिलना था । और लगभग 30 वर्षो से ज्यादा बीत गए इस माइनर (नहर) में पानी सिंचाई करने बजाय देखने को नहीं मिल रहा है । वही किसान बाबू राम ने भी बताया कि जब हम लोग छोटे छोटे थे तब इस माइनर में पानी आता था । 

जिसमें हम लोग खूब नहाया करते थे और अपनी अपनी भैंस को भी नहलाया करते है । और अब क्या है कि खेत सिचना ,नहाना व पशुओ को नहलाना तो दूर इस माइनर में पानी देखने को तरस रहे है । वही किसान , इन्द्र पाल ,हरी नाम , आमिरका , छोटे लाल , सोबरन लाल , महेश प्रसाद , सुशील कुमार ,गजराज सिंह ,नौमी लाल ,सुंदर , देशराज ,रामधार , बसंते , छन्नू , शिवराज  , लाल ,साहब लाल ,जगदीश आदि किसानो का  कहना है कि यदि इस भी माइनर (नहर )में आने लगे तो ब्लॉक पहला क्षेत्र कि उपरोक्त ग्राम पंचायतों में भी खेती करने के लिए पानी की समस्या खत्म हो जाए। 

वही किसान मुनेश्वर ने बताया कि जब हमको अपने खेत की सिचाई करना पड़ता तो सबसे पहले पाँच सौ फुट पाइप लाते है, और करीब दो बीघा खेत सिचने के लिए चार - पाँच लीटर डीजल लाकर करीब सात-आठ सौ रुपए एक पानी लगाने पर खर्च हो जाते है और किसान अनिल ने बताया कि हम उपरोक्त सभी लोग मीडिया के माध्यम से भारत सरकार से मांग करते है कि ब्लाक पहला क्षेत्र के कई गांवो से होकर निकलने वाली इस माइनर (नहर) में 30 वर्षो के पहले की तरह पुनः पानी प्रारम्भ कराने की कृपा करे। 

जिससे सभी किसानों को समय से पानी मिलने लगे। और सभी किसानो के फसल की पैदावार बढ़ने लगे । और जो प्रत्येक वर्ष में माइनर की साफ सफाई कराकर जो धन राशि खर्च की जा रही है वह भी व्यर्थ में नहीं जाएगी । और ग्राम पंचायत कांसा के आगे नहर विभाग की भूमि पर जिन लोगों ने कब्जा कर खेत में तब्दील कर रखा है । वह भूमि भी पुनः की तरह माइनर (नहर) में परिवर्तित हो सकती है ।