अध्यात्म से मिलती है मानसिक शांति : ज्ञानानंद जी महाराज

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

श्री कृष्ण कृपा शक्तिधाम ध्यान योग पीठम का भूमि पूजन समारोह आयोजित

सहारनपुर (बेहट) : गीता मनीषी परम् पूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कहा कि अध्यात्म से हमे मानसिक शांति के साथ विश्व को भी शांति का संदेश देने की प्रेरणा मिलती है। सद्भावना का एक मात्र प्लेटफार्म भारत का अध्यात्म है। 

शुक्रवार को गीता मनीषी जी गंगा दशहरा एवं निर्जला एकादशी पर्व के अवसर पर सिद्धपीठ श्री शाकम्भरी देवी परिक्षेत्र में गांव बड़कला में श्री कृष्ण कृपा शक्तिधाम दिव्य ध्यान योग पीठम के भूमि पूजन समारोह में प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मंगलमय वातावरण में माता शाकम्भरी की कृपा से इस क्षेत्र में योग पीठम की स्थापना होना गौरव की बात है। इस आश्रम के संस्थापक सुदर्शन चक्र जी का जो भाव है, उसमे कोई निजी स्वार्थ नही है। इसलिए उनका सहयोग करना जरूरी है। 

श्रीकृष्ण शक्तिधाम पीठम राष्ट्रीय परम्परा को जन जन में स्थापित करेगा। इस दौरान दूरभाष पर महामण्डलेश्वर निरंजनी अखाड़ा कैलाशानंद गिरी जी महाराज ने भी अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि आश्रम परम्परा का जो निर्वहन कर रहे है उनका सहयोग करना चाहिए। सुदर्शन चक्र जी द्वारा सहारनपुर मण्डल में आश्रम की स्थापना करना सराहनीय निर्णय है।

 पूर्व गृह सचिव मणिप्रसाद ने कहा कि श्री कृष्ण कृपा शक्तिधाम दिव्य ध्यान योग पीठम का भविष्य उज्जवल है और यह मनोरम स्थली भी है। उन्होंने उपस्थित भक्तजनों से क्षेत्र में जल आकर्षित करने वाले पेड़ भी लगाने का आह्वान किया। महंत सहजानंद ब्रह्मचारी जी महाराज ने कहा कि यह क्षेत्र आध्यत्मिक क्षेत्र का केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने सभी से आश्रम की स्थापना के लिए सहयोग करने का आह्वान भी किया।

 राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी ने कहा कि हम सभी को मिलकर सनातन संस्कृति को आगे बढ़ना होगा। कैराना सांसद प्रदीप चौधरी ने कहा कि इस स्थान पर वो ऊर्जा मिलती है, जिसकी आपको आवश्यकता है। पूर्व विधायक नरेश सैनी ने कहा कि इस क्षेत्र में आश्रम की स्थापना होना गौरव की बात है। वह हमेशा तन मन धन से आश्रम की सेवा करते रहेंगे। 

इस दौरान अतुल जोशी जी महाराज, विधायक बरखेडा, पीलीभीत स्वामी प्रवक्तानंद जी, मेयर संजीव वालिया, नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी, साहब सिंह पुंडीर, मांगेराम चौधरी ने भी विचार व्यक्त किये। आश्रम के संस्थापक सुदर्शन चक्र महाराज ने सभी गुरुजनों व उपस्थित राजनैतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों का आभार प्रकट किया। समारोह का संचालन प्रमोद अट्टा ने किया। कार्यक्रम में हजारों भक्तगण मौजूद रहे।