फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' का जबरदस्त ट्रेलर हुआ जारी...

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

लम्बे इंतजार के बाद 15 जून को आखिरकार 'ब्रह्मास्त्र पार्ट 1- शिवा' का ट्रेलर इंटरनेट पर जारी कर दिया गया। भारतीय पौराणिक कथाओं में ब्रह्मास्त्र को अजेय अस्त्र माना जाता है, जिसके आगे बड़े से बड़ा शस्त्र विफल हो जाता है। निर्देशक अयान मुखर्जी ने इसी दैवीय अस्त्र के इर्द-गिर्द ब्रह्मास्त्र ट्रिलॉजी का कथा संसार बुना है और भारतीय माइथोलॉजी को इसमें गूंथा है।

ब्रह्मास्त्र ट्रिलॉजी का विचार पहली बार सुनने में बड़ा अच्छा लगता है, खासकर मारवल की सुपरहीरो फिल्मों के दौर में, जहां वीएफएक्स, स्पेशल इफेक्ट्स, सीजीआई तकनीकों की मदद से एक अलग दुनिया की रचना कर दी जाती है और यह दुनिया इतनी वास्तविक लगती है कि दर्शक इससे बाहर नहीं निकलना चाहता।

ब्रह्मास्त्र भी ऐसी ही दुनिया को भारतीय पर्दे पर लाने का महत्वाकांक्षी प्रयास है, पहला नहीं। इसके लिए अयान मुखर्जी के विजन और साहस को दाद देनी होगी। उन्होंने कुछ ऐसा सोचने की जहमत उठायी, जो भारतीय सिनेमा को अलग स्तर पर ले जा सकता है। हालांकि, यह बाद की बात है कि उनकी यह कोशिश कितनी कामयाबी हुई। 

ब्रह्मास्त्र ट्रिलॉजी को निर्माता करण जौहर की अपनी शिवा ट्रिलॉजी भी कहा जा सकता है, क्योंकि इसके मुख्य पात्र का नाम शिवा है, जो रणबीर कपूर निभा रहे हैं। ब्रह्मास्त्र पार्ट 1- शिवा के ट्रेलर में कहानी का ढांचा और सारे प्रमुख किरदारों से परिचय करवा दिया जाता है।

अयान मुखर्जी ने अस्त्रावर्स की एक अनोखी दुनिया की रचना की है। शिवा एक साधारण युवा है, जो डीजे है। मगर, उसमें अग्नि की शक्ति है। आग उसे नुकसान नहीं पहुंचा सकती। ईशा (आलिया भट्ट), शिवा की प्रेमिका है। परलौकिक शक्तियों का स्वामी होने के कारण शिवा को यह एहसास कचोटता है कि इस दुनिया में कुछ ठीक नहीं हो रहा है और इसकी वजह है दैवीय अस्त्र ब्रह्मास्त्र, जिसे हासिल करने के लिए बुरी ताकतें पृथ्वी पर आ रही हैं, जिनका नेतृ्त्व मौनी रॉय का किरदार जुनून कर रही है, जो खतरनाक और परलौकिक शक्तियों की स्वामिनी है।

पृथ्वी पर इस ब्रह्मास्त्र की रक्षा एक समूह करता है, जिसका नेतृत्व अमिताभ बच्चन का किरदार करता है। नागार्जुन अनीश नाम के कलाकार बने हैं, जो नंदी की शक्ति का स्वामी है। यह भी कहा जा सकता है कि यह सभी किरदार परलौकिक शक्तियों का पृथ्वी पर मानवीय रूप हैं। ट्रेलर में एक दृश्य है, जिसमें अमिताभ बच्चन का किरदार शिवा से कहता है कि वो खुद एक अस्त्र है।

अयान मुखर्जी के इस अस्त्रावर्स यानी अस्त्रों के यूनिवर्स में इस दौर के बेहतरीन कलाकार विभिन्न भूमिकाओं में दिखेंगे। अयान ने जिस कहानी को कहने और दिखाने का बीड़ा उठाया है, उसके लिए बड़े स्तर पर वीएफएक्स, स्पेशल इफेक्ट्स की जरूरत है और वो ट्रेलर में साफ दिखता है।

ब्रह्मास्त्र का पहला ट्रेलर काटने में सारा जोर वीएफएक्स रचित घटनाक्रमों पर दिया गया है, जिससे कहानी का सार भर मिलता है। वीएफएक्स प्रभावित तो करता है, मगर इसकी अति खटकती भी है। वीएफएक्स की अतिरेकता से कहानी नेपथ्य में चली गयी है। किरदारों के संवाद भी काफी कम रखे गये हैं। 

भारतीय दर्शक मारवल और दूसरी सुपरहीरो फिल्मों के जरिए वीएफएक्स आधारित सिनेमा से खूब वाकिफ है, ऐसे में ब्रह्मास्त्र की नैया बॉक्स ऑफिस पर पार लगाने में सबसे बड़ा सहारा कहानी ही होगी। दो मिनट इक्यावन मिनट के ट्रेलर से फिल्म की भव्यता, कलाकारों की मेहनत और इस पर बहाये गये पसीने और पैसे का अंदाजा तो हो जाता है, मगर तीन भागों में फैली कहानी का विस्तार ही सफलता का सारथी बनेगा। कहानी का बहाव ही वीएफएक्स को जस्टिफाई करेगा। उम्मीद है, इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक ब्रह्मास्त्र अपने इंतजार को भी जस्टिफाई करेगी।