आधुनिक मॉम

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  


आधुनिक है आजकल की मॉम,

एक हाथ में लैपटॉप दूजे में गाड़ी का डोर।

गिटपिट गिटपिट बातें करती,

किसी से वह जरा नहीं डरती।


परफैक्ट सी वह तो होती,

करती सारे काम तमाम।

मार्ग अपना स्वयं बनाती,

घर काम दोनों को संभालती।


आधुनिक माम प्यारी,

सज संवर कर रहती सारी।

हवाई जहाज खूब उडाती ,

ऑफिस भी खूब चलाती ।


सेना में भी जाती है,

चोटी हिमालय की छू आती।

मेहनत से वह ना घबराए ,

कर्म बस अपना करती जाएं।


मान सम्मान से भरी हुई,

गलत बात ने सुने कभी।

सही का वह साथ देती,

निडर होकर वह जीती।


       रचनाकार ✍️

       मधु अरोरा