पुण्यतिथि

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क


पुण्यतिथि का दिन है आया।

मन में पीड़ा का भाव जगाया।।


याद विकट वह वक्त है आया।

सिरपर रहा न पिता का साया।।


याद आपकी जब याद आती है।

मेरी आत्मा बहुत रो जाती है ।।


बिट्टी शब्द सुनने को तरसाती है।

आपकी छवि नजर नहीं आती है।।


दुनिया की भीड़ में ढूँढा करती हूँ।

"चले गए" इस बात से डरती हूँ।।


सुबह-शाम अश्रु नैनों में भरती हूँ।

मैं "धीरज" की बेटी हूँ,

धैर्य हृदय में धरती हूँ।।


  गीता देवी

औरैया उत्तर प्रदेश