PBKS vs CSK Analysis: 15वें सीजन में चेन्नई को मिली एक और हार

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

चार बार की चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स को आईपीएल के 15वें सीजन में एक और हार मिली है। टीम की आठ मैचों में यह छठी हार है। उसके लिए प्लेऑफ में पहुंचने की राह अब कठिन हो गई है। पंजाब किंग्स ने आखिरी ओवर तक मुकाबले में सोमवार (25 अप्रैल) को उसे 11 रनों से हरा दिया। चेन्नई को खराब फील्डिंग और धीमी बल्लेबाजी का खामियाजा भुगतना पड़ा।

टीम ने भानुका राजपक्षे को जीवनदान दिया। वहीं, ऋतुराज गायकवाड़ और रवींद्र जडेजा जैसे मुख्य बल्लेबाजों ने धीमी बल्लेबाजी की। दूसरी ओर, पंजाब किंग्स की टीम जीत की पटरी पर लौटी है। सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली लगातार दो हार के बाद उसने वापसी की है। आठ मैचों में उसकी चौथी जीत है। पंजाब के बल्लेबाजों के अलावा गेंदबाजों ने जबरदस्त खेल दिखाया। दिल्ली के खिलाफ निराश करने वाली टीम ने पिछले मैच में जीतने वाली चेन्नई को परास्त कर दिया। सीजन में दोनों टीमों के बीच दो मुकाबले हुए और दोनों में चेन्नई को हार मिली।

मैच में टर्निंग पॉइंट्स

भानुका राजपक्षे को मिले दो जीवनदान: चेन्नई ने भानुका राजपक्षे को सातवें और नौवें ओवर में जीवनदान दिया। सातवें ओवर की चौथी गेंद पर गायकवाड़ ने उनका कैच छोड़ा। वहीं, नौवें ओवर की पांचवीं गेंद पर सैंटनर ने कैच टपका दिया। दो कैच छूटने के बाद भानुका ने शिखर धवन के साथ बड़ी साझेदारी की। दोनों ने 71 गेंदों पर 110 रनों की साझेदारी की। भानुका ने 32 गेंद पर 42 रन बनाए। उनकी पारी की बदौलत पंजाब की टीम ने 180 रन का आंकड़ा पार किया।

अर्शदीप के दो किफायती ओवर: चेन्नई को जीत के लिए 24 गेंदों पर 47 रन बनाने थे। युवा अर्शदीप सिंह के दो और अनुभवी कगिसो रबाडा के एक ओवर बचे थे। मयंक ने 17वें ओवर में गेंदबाजी के लिए अर्शदीप को बुलाया। उन्होंने अंबाती रायुडू और रवींद्र जडेजा जैसे तूफानी बल्लेबाज के सामने एक भी बाउंड्री नहीं दिया। इस ओवर में सिर्फ छह रन बने। अगले ओवर में रबाडा ने छह रन देकर रायुडू को आउट कर दिया। 

इस मैच में दो ऐसे कप्तानों का मुकाबला था जो पहली बार आईपीएल में कप्तानी कर रहे हैं। इसका दबाव दोनों की बल्लेबाजी पर देखने को मिला है। मयंक ने 21 गेंद पर 18 रन बनाए तो जडेजा ने 16 गेंदों पर नाबाद 21 रन की पारी खेली। जडेजा ने गेंदबाजी में दो ओवरों में 18 रन दिए। बल्लेबाजी में उनकी धीमी पारी के कारण टीम को हार का सामना करना पड़ा। आखिरी ओवरों में अगर उनका बल्ला चलता तो नतीजा कुछ और होता। वहीं, मयंक ने गेंदबाजों का सही से इस्तेमाल कर चेन्नई को हरा दिया।

पंजाब के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?

सकारात्मक पक्ष: ओपनर शिखर धवन ने पहली बार टूर्नामेंट में अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 59 गेंदों पर नाबाद 88 रन बनाए। भानुका राजपक्षे के साथ शतकीय साझेदारी भी की। भानुका ने भी शानदार बल्लेबाजी की और 32 गेंद पर 42 रन बनाए। लियाम लिविंगस्टोन ने तेजी से सात गेंदों पर 19 रन बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। गेंदबाजी में कगिसो रबाडा और अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया। दोनों ने टीम को मैच में जीत दिलाई।

नकारात्मक पक्ष: मयंक अग्रवाल का बल्ला एक बार फिर से खामोश रहा। उन्होंने 86.71 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। गेंदबाजी में वापसी करने वाले संदीप शर्मा, ऋषि धवन, राहुल चाहर और लियाम लिविंगस्टोन महंगे साबित हुए। सभी ने नौ से ज्यादा की इकोनॉमी से रन लुटाए। ऋषि ने हालांकि दो और संदीप ने एक विकेट जरूर लिए, लेकिन रन बहुत ज्यादा दे दिए। टीम के मुख्य स्पिनर राहुल चाहर ने तीन ओवर में 30 रन दिए और उन्हें एक भी सफलता नहीं मिली।

चेन्नई के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?

सकारात्मक पक्ष: मिशेल सैंटनर और महेश तीक्षणा ने गेंदबाजी में बढ़िया काम किया। सैंटनर को विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने दो ओवर में सिर्फ आठ रन दिए। तीक्षणा ने चार ओवर में 32 रन दिए और मयंक का महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किया। बल्लेबाजी में अंबाती रायुडू ने कमाल किया। उन्होंने सात चौके और छह छक्के लगाकर यह बता दिया क्यों उन्हें टीम में बाहुबली कहा जाता है। अंबाती ने 39 गेंदों पर 78 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 200 का रहा।

नकारात्मक पक्ष: गेंदबाजी में मुकेश चौधरी, जडेजा, ड्वेन प्रिटोरियस और ड्वेन ब्रावो काफी महंगे साबित हुए। सबने रन लुटाए। ब्रावो को हालांकि दो सफलता जरूर मिली, लेकिन चार ओवर में उन्होंने 42 रन दे दिए। बल्लेबाजी में ऋतुराज गायकवाड़ ने 27 गेंदों पर 30 रनों की धीमी पारी खेली। रॉबिन उथप्पा, मिशेल सैंटनर और शिवम दुबे सस्ते में आउट हो गए। जडेजा ने धीमी बल्लेबाजी की। धोनी ने आठ गेंदों पर 12 रन ही बनाए।