DC vs RR: अंपायर से भिड़ने पर दिल्ली के खिलाड़ियों पर कार्रवाई

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

आईपीएल 2022 में दिल्ली कैपिटल्स के सहायक कोच प्रवीण आमरे पर एक मैच का बैन लगाया गया है और उनकी पूरी मैच फीस भी काट ली गई है। कोच आमरे राजस्थान के खिलाफ मैच में अंपायर से भिड़ गए थे। आईपीएल आचार सहिंता के तहत इसे दूसरे लेवल का अपराध माना गया है और उन पर कार्रवाई की गई है। पंत पर मैच फीस का 100 फीसदी जुर्माना लगाया गया है। वहीं, शार्दुल पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया है। राजस्थान के खिलाफ मैच के दौरान आमरे मैदान में जाकर अंपायर से बहस करने लगे थे, जबकि कप्तान पंत ने अपने बल्लेबाजों को वापस आने के लिए कह दिया था। वहीं शार्दुल ठाकुर भी अंपायर के फैसले से नाराज दिखे थे और कप्तान पंत का समर्थन कर रहे थे। 

यह पूरा मामला मैच के आखिरी ओवर में हुआ था, जब मैकॉय की फुल टॉस गेंद बल्लेबाज के कमर से ऊपर थी, लेकिन अंपायर ने उसे नो गेंद नहीं दिया था। इस समय दिल्ली को जीत के लिए तीन गेंदों में 18 रन चाहिए थे, अगर अंपायर इसे नो गेंद करार देते तो दिल्ली के लिए मैच आसान हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

क्या है पूरा मामला

दिल्ली को जीत के लिए आखिरी ओवर में 36 रन बनाने थे। राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन ने गेंदबाजी के लिए ओबेड मैकॉय को बुलाया। रोवमन पॉवेल ने शुरुआती तीन गेंदों पर छक्के लगा दिए। मैकॉय की तीसरी गेंद को लेकर विवाद हुआ। उन्होंने फुल टॉस गेंद फेंकी जो देखने में नो-बॉल लग रही थी। अंपायर ने नो-बॉल नहीं दिया और थर्ड अंपायर से सलाह भी नहीं ली। इसे देखकर ऋषभ पंत भड़क गए। 

बटलर ने पंत को समझाया

पंत ने अपने दोनों बल्लेबाजों रोवमन पॉवेल और कुलदीप यादव को बाहर आने के लिए कहा। पंत के पीछे से कई खिलाड़ी लगातार नो-बॉल की मांग कर रहे थे। पंत गुस्से में दिखाई दे रहे थे। बाउंड्री पर खड़े विपक्षी टीम के खिलाड़ी जोस बटलर उनके सामने गए और उन्हें समझाया। इसी बीच टीम के सहायक कोच प्रवीण आमरे मैदान में दौड़कर गए और अंपायर्स से बात करने लगे। 

रोवमन पॉवेल जिस अंदाज में खेल रहे थे उसे देखकर लग रहा था कि वे छह गेंदों पर छह छक्के लगा सकते हैं। हालांकि, ऐसा करना काफी कठिन था और उसमें उन्हें सफलता भी नहीं मिली। अगली तीन गेंदों पर पॉवेल सिर्फ दो रन बना सके और आउट भी हो गए। 

बहस से दिल्ली को नुकसान

रोवमन पॉवेल इस मैच में शानदार लय में थे और आखिरी ओवर की तीन गेंदों पर तीन छक्के लगा चुके थे। गेंदबाज दबाव में थे। इसी वजह से तीसरी गेंद नो बॉल होते-होते रह गई। ऐसे में पंत और दिल्ली के बाकी खिलाड़ियों के ड्रामे की वजह से मैच रुका और पॉवेल की लय टूट गई। वहीं गेंदबाज को आराम करने का मौका मिला और उनके ऊपर से दबाव कम हो गया। इसी वजह से अगली तीन गेंदों में सिर्फ दो रन बने और एक विकेट भी गिर गया। 

ऋषभ पंत ने क्या कहा?

मैच समाप्त होने के बाद पंत ने कहा, "मुझे लगता है कि राजस्थान के गेंदबाज पूरे मैच में अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन अंत में पॉवेल ने हमें मौका दिया। नो-बॉल हमारे लिए कीमती था, लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। निराश हूं, लेकिन इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। डगआउट में हर कोई निराश था। सबने देखा कि यह एक नो-बॉल था। मुझे लगता है कि तीसरे अंपायर को हस्तक्षेप करना चाहिए था और उन्हें कहना चाहिए था कि यह नो-बॉल है। आमरे को मैदान पर भेजना जाहिर तौर पर सही नहीं था, लेकिन हमारे साथ जो हुआ वह भी सही नहीं है।"