सेहत को बेहतर रखने के लिए फायदेमंद है चक्रासन योग, जानिए इसके और लाभ

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

शरीर के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ सभी लोगों को स्वस्थ और पौष्टिक आहार के साथ दैनिक रूप से योगासनों का अभ्यास करने की सलाह देते हैं। योगासन शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की सेहत को बेहतर रखने के साथ शारीरिक सक्रियता को बढ़ाने और दिनचर्या को व्यवस्थित रखने में मदद करते हैं। कई तरह के योगासनों के शारीरिक स्वास्थ्य में विशेष लाभ के बारे में पता चलता है, जिनका रोजाना अभ्यास करके आप सेहत को फिट बनाए रख सकते हैं। चक्रासन या 'बैक-बेंडिंग' योग आसन ऐसा ही एक अभ्यास है।

'चक्र' का अर्थ है पहिया और 'आसन' का अर्थ है इसे करने का तरीका। इस आसन को करने पर शरीर पहिए जैसा आकार ले लेता है। इसलिए इस आसन को आमतौर पर व्हील पोज कहा जाता है। इस आसन को संस्कृत में उर्ध्वा धनुरासन के नाम से भी जाना जाता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना इस योग का अभ्यास करके आप कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 

चक्रासन योग कैसे किया जाता है?

चक्रासन योग का अभ्यास अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है। इसे करने के लिए विशेष पारंगत होना आवश्यक है वरना इससे चोट का खतरा हो सकता है। इस अभ्यास को किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में करने की सलाह दी जाती है।

इस योग को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं फिर घुटनों को मोड़ें और एड़ी को जितना हो सके अपने नितंब के पास लाएं। हथेलियों को जमीन पर रखें। अपने पैरों के साथ-साथ हथेलियों का उपयोग करके शरीर को ऊपर की ओर उठाएं । अपने कंधे के समानांतर पैरों को खोलें। वजन को बराबर बांटते हुए शरीर को ऊपर की ओर खींचे। इस मुद्रा में कुछ समय के लिए बने रहें। 

चक्रासन योग के क्या लाभ हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए चक्रासन योग के नियमित अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है। मन की शांति और एकाग्रता को बढ़ाने के साथ शरीर के फिटनेस को बढ़ावा देने में भी इस योग के लाभ हो सकते हैं।

तनाव-चिंता को कम करने में मदद करता है।

आंखों की रोशनी तेज करने में अहम भूमिका निभाता है।

रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को मजबूती को बढ़ावा देता है।

शरीर के रक्त परिसंचरण में सुधार करने के साथ रक्त को शुद्ध करता है।

यह योग आपकी सहनशक्ति और ताकत को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

जिन लोगों को पेट की चर्बी की समस्या है, यह आसन उनके लिए विशेष लाभकारी माना जाता है। यह आपकी कोर मसल्स को भी टोन करता है।

भूख बढ़ाने और कब्ज-पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में इस योग को काफी कारगर माना जाता है। 

ऐसे लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

चक्रासन योग, ऐसी मुद्रा है जिसका अभ्यास काफी कठिन माना जाता है, इसमें विशेष पारंगतता की आवश्यकता होती है। कुछ स्थितियों में, जैसे रीढ़ की हड्डी या पीठ दर्द की समस्या से परेशान लोगों को इस आसन को न करने की सलाह दी जाती है।  इसके अलावा चक्रासन आपकी कलाइयों पर भी काफी दबाव डाल सकता है, इसलिए अगर आपकी कलाई कमजोर है तो आपको यह योगासन नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी इस आसन को करने से बचना चाहिए।