सरस्वती विहार स्कूल में हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

सहारनपुर। सरस्वती विहार सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दिल्ली रोड, सहारनपुर के प्रांगण में विक्रम संवत 2079 के शुभ आगमन की पावन बेला पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे स्कूल को फूलों, तोरण, भगवा धवजों से सजाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल प्रबंधक श्री अमर गुप्ता जी, प्रधानाचार्य श्री राजीव कुमार शुक्ला जी, कोऑर्डिनेडर श्री सुखविंदर सिंह घई ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन के साथ किया। इसके बाद सभी ने स्कूल गीत का गायन किया गया। स्कूल की अध्यापिका श्रीमती सरिता भाटिया ने सभी को नवसंवत्सर की शुभकामनाएं दी एवम कार्यक्रम में मंच  संचालन किया।

इसके पश्चात स्कूल की अध्यापिका श्रीमती संगीता शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि विक्रम संवत चौत्र मास की प्रतिपदा को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय संस्कृति के लिए बहुत विशेष है। इसी दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की, सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत्  प्रारंभ हुआ, प्रभु श्री राम जी के राज्याभिषेक का दिन भी यही है, शक्ति और भक्ति के नौ दिन अर्थात् नवरात्र का पहला दिन यही है, सिखों के द्वितीय गुरू श्री अंगद देव जी का जन्म दिवस है, स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने इसी दिन आर्य समाज की स्थापना की, सिंध प्रान्त के प्रसिद्ध समाज रक्षक वरूणावतार संत झूलेलाल जी इसी दिन प्रगट हुए, विक्रमादित्य की भांति शालिवाहन ने हूणों को परास्त कर दक्षिण भारत में श्रेष्ठतम राज्य स्थापित करने हेतु यही दिन चुना, युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक श्री केशव बलिराम हेडगेवार जी का जन्मदिवस भी इसी दिन मनाया जाता है। 

इसके पश्चात स्कूल के शिक्षक श्री चंद्रमणी बडोनी की कविता ‘नववर्ष तुम्हारा अभिनंदन है’ ने सबको नए जोश से भर दिया। इसके बाद संगीत अध्यापिका श्रीमती रीटा वर्मा के नेतृत्व में संगीता झा, आशु कक्कड़,  आभा वर्मा, रचना ठाकुर, रिचा शर्मा, डिंकी सोनी, अदिति कौर, मानसी टक्कर, अंशुल खत्री ने नव संवत्सर की खुशी में मंगल गान करते हुए ‘मंगल गाओ, चौक पुराओ आज सखी पिया घर आवेंगे’ ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

स्कूल प्रबंधन समिति प्रबंधक श्री अमर गुप्ता जी ने सरस्वती विहार परिवार एवम समस्त देशवासियों को भारतीय नव संवत्सर 2079 की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि भारतीय नव वर्ष का आगमन अपने आप में विशेष है क्योंकि इस समय प्रकृति में अभूतपूर्व परिवर्तन होता है ऋतुओं का परिवर्तन होता है, नई फसलें आती है, पेड़ पौधों पर नई कोपलें आती है जो नए सृजन का प्रतीक है, ऐसा लगता है मानो पूरी प्रकृति नववर्ष के स्वागत के लिए उत्सुक हो।

स्कूल प्रधानाचार्य श्री राजीव कुमार शुक्ला जी ने भी सभी को इस भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि हमें अपनी संस्कृति और सभ्यता पर गर्व होना चाहिए कि हम विश्व की प्राचीनतम सभ्यता का एक हिस्सा है, हमें गर्व करना चाहिए कि हमने भारत भूमि की इस पावन धरा पर जन्म लिया जहां भगवान श्री रामचंद्र जी, श्री कृष्ण जी और अनेकानेक ऋषि मुनियों ने अवतार लेकर इस धरा को पवित्र किया। हमें गर्व करना चाहिए अपनी संस्कृति पर जो प्राचीनतम तो है ही इसके साथ साथ पूर्ण रूप से वैज्ञानिक भी है। अंत में सभी को सुंदर कार्यक्रम के लिए साधुवाद, और ईश्वर से प्रार्थना कि यह वर्ष सभी के जीवन में नए उजाले का संचार करे।