रोडवेज बस स्टैंड, कालूकुआं, बाबूलाल चौराहा, ओवरब्रिज में अक्सर रहता है जाम का झाम

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

बांदा। आम दिनों में शहर की सड़कों में लगने वाला जाम यातायात व परिवहन अव्यवस्था के कारण इन दिनों उफान पर है। नवरात्र के दिनों में देवी मंदिरों तक का रास्ता तय करने में देवीभक्तों को घंटों का समय जाया करना पड़ता है। बमुश्किल देवी भक्तों को मां के दरबार में पहुंचकर उनके दर्शन मिलते हैं। नवरात्र के दौरान जाम का झाम कुछ ज्यादा ही बढ़ जाता है। वैसे तो शहर की कोई आम सड़क ऐसी नहीं है जहां आए दिन जाम का झंझट खड़ा न होता हो लेकिन सबसे ज्यादा बुरा हाल रोडवेज बस स्टैड, कालूकुआं से बाबूलाल चौराहा तक का ओवरब्रिज, पीलीकोठी रोड आदि ऐसी सड़कें हैं जहां रात के कुछ घंटे छोड़कर कभी भी कोई पैदल या वाहन में सड़क से निकले जाम का भूत साफ नजर आएगा। 

जरूरत के अनुसार समय से पहुंचने वाले स्थान में लोगों का पहुंचना टेढ़ी खीर बन जाता है। हालांकि यातायात व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के नाम पर एक सफेद चार पहिया वाहन में खाकी व सफेदपोशधारी पुलिस बैठकर शहर की सड़कों में रोज नजर आते हैं लेकिन जाम है तो इतना बलवान कि वह सड़कों से हटने का नाम नहीं लेता है। उधर जाम में फंसे लोगों की जुबानी कुछ यूं भी निकलने को मजबूर हो जाती है कि हाय राम यह कैसा जाम? बीते गुरुवार को सायंकाल कालूकुआं से बाबूलाल चौराहे के आगे कालीदेवी मंदिर तक जाम में वाहनों का काफिला घंटों ओवरब्रिज पर जमा रहा। कई भौगोलिक स्थिति के जानकार लोगों ने शहर के अन्य क्षेत्रों में स्थित सड़कों से मुकाम पाने के लिए प्रयास किया लेकिन यह लोग जहां भी पहुंचे वहां उन्हें जाम का झाम नजर आया।

 बबेरू रोड चौराहा से बाबूलाल चौराहा तक पहुंचने के लिए पूरे सड़क में वाहनों का काफिला खड़ा था। एक मोड़ पर एक वाटर टैंक मुख्य सड़क पर आधे हिस्से में खड़ा था। जिसका कोई पुरसाहाल नहीं था। थोड़ी दूर चलकर सड़क के आधे हिस्से में एक बैंडबाजा वाहन खड़ा था जिसको सड़क से हटाने वाला कोई नहीं था। इसके कारण जाम बढ़ता ही चला गया। शुक्रवार को भी रोडवेज बस स्टाप के सामने की सड़क में रोज की तरह अचानक खड़ा होने वाला जाम सड़क पर घंटों खड़ा रहा। 

मुकाम तक पहुंचने वाले लोगों ने अस्पताल इलाज कराने वाले जाने वाले मरीजों के अलावा कचहरी पहुंचने वाले अधिवक्ताओं और मुवक्किलों को अपने गंतव्य स्थल पहुंचने तक माथे पसीना आ गया। अखबर बांटने वाले हाकरों को इन जाम में फंस जाने के कारण समय से लोगों के घर और सरकारी कार्यालयों में अखबार पहुंचाने में भी यदा-कदा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर जाम को लेकर शहर के हालात इतने नाजुक हो गए हैं कि अगर आप समय से अपने गंतव्य स्थल पहुंचना चाहते हैं तो आपको अपने घर से निकलने में कई घंटे पहले निकलना पड़ेगा।