आभासी से वास्तविक हुई "देवदूत वानर सेना"

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

कोरोना काल में लोगों की मदद करने से शरु हुआ यह आभासी संगठन 14 अप्रैल को लखनऊ में अपने वास्तविक रूप में आया! कभी एक दूसरे को  सिर्फ सोशल मीडिया से जानने वाले लोग एक दूसरे की वास्तविक  पहचान से वाकिफ हुए! वानर सेना के संरक्षक अजीत सिंह ने संगठन के वानर सेना देवदूत नाम के विषय में बताया कि जैसे वानर विपत्ति में कभी अपने साथी को नहीं छोड़ते हैं तो हम क्यों छोडे! हमारे पूर्वज वानर थे और पूर्वजों के इस महान मानवीय गुण को हमें संजोए रखना चाहिए! वानर सेना के देवदूत भी अपने पूर्वजों की तरह विपत्ति में किसी ना किसी तरह सहायता जरूर करते हैं चाहे नौकरी पाना हो या ब्लड यह देवदूत उड़ते हैं और किसी न किसी जुगाड़ से मदद कर देते हैं! 

 इस संगठन का हर एक सैनिक अपने आप में अनोखा है जो जिस विषय में एक्सपर्ट है वह उस समस्या को हल करता है अगर किसी का स्कूल है तो वह फीस में छूट करें ,अगर कोई डॉक्टर है तो वह गरीबों को निशुल्क परामर्श दे, किसी के पास रोजगार मुहैया कराने का साधन है तो अधिकतम लोगों को रोजगार प्रदान करें अर्थात वानर सेना में आम से लेकर बड़े-बड़े पदों पर प्रतिष्ठित लोग भी सम्मलित है ! यह पूरी तरह विविधता वाला संगठन है तभी तो विविध समस्याओं पर मदद करता है! अचानक अजित सिंह को एक मैसेज आता है कि मैं बाउंसर हूं मुझे कोरोना काल के बाद से काम नहीं मिला चुनावी समय में थोड़ा-बहुत काम मिला लेकिन अब घर बैठा हूं वानर सेना के संरक्षक अजीत जी द्वारा सोशल मीडिया पर समस्या को  पोस्ट की जाती है  फिर वानर उड़ते हैं और तुरंत जुगाड़ करके नौकरी की व्यवस्था करते हैं ! ऐसे ही दुबई में रहने वाले एक लड़के के जीजा का एक्सीडेंट होता है उसे नहीं सुझा की इतनी दूर से कैसे अपने जीजा की मदत करूं बस वानर सेना को मैसेज करता है फिर क्या वानर  सेना अपनी प्रजाति कि रक्षा के लिए सदैव की तरह तत्पर हो जाते हैं !

हर दिन ऐसी कई मानवीय निस्वार्थ सेवा वानर सेना के खाते में लगातार जुड रही हैं जो इस दुनिया को प्रेरित कर रही हैं कि निस्वार्थ भाव से हमें मानव समाज के लिए तत्पर होकर हर संभव मदद करना चाहिए क्योंकि हमारा अकेले इस दुनिया में कोई अस्तित्व नहीं है हमारा अस्तित्व  सामूहिकता में है!  संगठन में शामिल  कुछ लोगों के नाम वानर सेना के संस्थापक और संरक्षक अजीत प्रताप सिंह , अनिल सिंह, ध्रुव सिंह, विपिन मिश्रा, के डी सिंह, सुरजीत सिंह जेलर ,संतोष सिंह ,विजयलक्ष्मी गुप्ता जेलर ,रतना प्रभाकर सिंह, उत्पल सिंह परासर रमेश दुबे ,सीमा त्रिपाठी दुबे, अतुल कृष्णा सिंह ऐसे ही अनगिनत नाम है और यह नाम बढ़ते रहेंगे संगठन को नई नई पहचान अनवरत मिलती रहेगी! संगठन नाम की तरह काम भी अनोखा है कोरोना महामारी के दौर में जब लोग सुनकर भयभीत हो जाते थे तब अजीत सिंह सोशल मीडिया पर ललकार लगाई की निकलो देवदूतो निकलो इस मानवता की लड़ाई में अगर आदमी का साथ नहीं दिया तो इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा! स्वार्थ की इस पराकाष्ठा की एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के लिए चिल्ला नहीं सकता?  उसी चिल्लाने के क्रम में बन गई देवदूत वानर सेना बनी जिसने उड़-उड़ के इतनी मदद की जिसको समाज ने देखा और सोशल मीडिया पर बनाया यह संगठन का अब वास्तविक दुनिया में प्रवेश हुआ ! आने वाले समय में जब भी सम्मेलन होगा तब तक  संगठन 10 गुना ज्यादा सैनिकों के साथ  निस्वार्थ मानवीय सेना के लिए खड़ा होगा इस  से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय ,जिला, तहसील, ब्लॉक, स्तर तक ऐसे मानवीय संगठन का गठन होना चाहिए जिससे विपत्ति में लोगों की निस्वार्थ मदद हो सके! ! 

नाम पूजा जी 

 दिल्ली