गरीबों पर चला महंगाई का बुलडोजर

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से अब खाद्य पदार्थों में भारी उछाल

सहारनपुर। घरेलू गैस सिलेण्डरों में 50 रूपये की बढोत्तरी करने के उपरान्त अब लगातार पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बीच खाद्य पदार्थों में भी उछाल देखने को मिलने लगा है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने संकट पैदा हो गया है जबकि गरीबों पर तो महंगाई का बुलडोजर ही चल पड़ा है। तेल, घी, दालें, सब्जियां, फल सभी महंगे हो चुके हैं। आने वाले दिनों में और अधिक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। लगातार बढ़ती महंगाई अब परेशानी का सबब बनती जा रही है। सरसों का तेल जो पहले 140 रूपये प्रति लीटर था, वो बढ़कर 190 रूपये हो गया है। तिल का तेल 140 से 150 रूपये, रिफाइन्ड 130 से बढकर 170 रूपये जबकि देसी घी में 50 रूपये की बढोत्तरी कर दी गयी है। दालों के दाम भी बढ़ गये हैं वही सब्जियां तथा फलों के दामों में भी वृद्धि देखने को मिल रही है। बढ़ती महंगाई जब मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए संकट पूर्ण बन चुकी है और ऐसे में गरीबों की मनोदशा का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। रसोई गैस सिलेण्डर के दाम बढ़ाये जाने के बाद से अब कई घरों मंे चूल्हे पर खाना बनाने का सिलसिला चालू हो चुका है। अब वाणिज्यिक गैस सिलेण्डर के दाम में भी 249.50 की बढोत्तरी कर दी गयी है जिससे होटल, ढ़ाबों तथा रेहड़ियों पर उपलब्ध भोजन भी महंगा हो गया है।

महंगाई कहां जाकर थमेगी, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। कुल मिलाकर बढ़ती महंगाई से हर कोई त्रस्त है। इसको लेकर कोई सरकार को कोस रहा है तो कोई सरकार से अपेक्षा जता रहा है कि वह महंगाई पर काबू पाने के लिए कोई न कोई जतन अवश्य करेगी।

सड़कों पर उतरी कांग्रेस

विधानसभा चुनाव में भले ही जनता ने कांग्रेस को पूरी तरह से नकार दिया हो लेकिन आज वहीं कांग्रेस बढ़ती महंगाई को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है, जबकि सपा-बसपा तथा आम आदमी पार्टी पर चुप्पी साधे जाने के आरोप लग रहे हैं। आम जनता पर महंगाई की मार कम हो, इसके लिए कांग्र्रेस जगह-जगह प्रदर्शन कर रही है लेकिन उसका यह प्रदर्शन कितना कारगर साबित होगा यह भविष्य में ही पता चल पायेगा।