एहसास

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

एहसास है सुंदर ममता का

नहीं है जग में समता का

वह मां है जब बनती

सुखद अहसास से जीवन भरती।

एहसास है सुंदर दोस्ती का

दोस्त से कोई है कहांँ

अपनी सब बातें कर ले

आपस में जी खोल कर हंस ले।

एहसास पिता के रिश्ते का

जीवन की हर बाधा से बचाता

प्यार का वह छाता बन जाता

हर धूप छांँव से बचाता।

एहसास भाई बहन का पावन रिश्ता

निज ममता का निजी क्षमता का

अपनेपन का एहसास दिलाए

साथ खड़ी हमेशा पाए।

एहसास पति पत्नी के रिश्ते का

सारी उम्र साथ निभाए

सुख दुख में साथ मुस्कुराए

एक दूजे के बिन जीवन अधूरा।

एहसास सभी उन रिश्तो का

पवित्रता के धागे से बंधे

अपने कर्मों का एहसास

अपने फर्ज से बंधे।

एहसास सृष्टिकर्ता का

जिसने सुंदर जग है बनाया

सारी सृष्टि को देखो

कितनी सुचारू रूप से चलाया।

एहसास दिलाए हम सबको

करुणा ममता अपनेपन का।

यह भाव जग से मिटाएं

सुंदर सा संसार बनाए।।

     रचनाकार ✍️

     मधु अरोरा