इन शारीरिक समस्याओं में कारगर है मत्स्यासन योग

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क   

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए जिन उपायों को सबसे कारगर माना जाता है- योग उनमें से एक है। योग न केवल मानसिक शांति का बेहतर तरीका माने जाते हैं, साथ ही इनका नियमित अभ्यास कई तरह की शारीरिक समस्याओं से बचाने में भी आपके लिए सहायक हो सकता है। नियमित योगाभ्यास की आदत शरीर में ऊर्जा के संचार के बढ़ावा देने के साथ मानसिक रूप से भी आपको फिट रखने में मदद करता है। कई तरह के योगासन ऐसे हैं जिनका हम सभी को नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए। मत्स्यासन योग ऐसा ही एक अभ्यास है। 

मत्स्यासन योग, ऐसा अभ्यास है जिसमें शरीर का आकार मछली की तरह करना होता है। इस योग के कई तरह के स्वास्थ्य लाभ का जिक्र मिलता है। रक्त परिसंचरण को बढ़ाने के साथ तनाव-चिंता और कई तरह की मानसिक समस्याओं के जोखिम को कम करने में इस योग के अभ्यास की आदत आपके लिए मददगार हो सकती है। कई तरह की शारिरिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के जोखिमों को कम करने में भी इस योग के अभ्यास को फायेदमंद माना जाता है। आइए आगे इस योग के फायदे जानते हैं।

मत्स्यासन योग कैसे किया जाता है?

मत्स्यासन योग आसान है लेकिन इसमें बेहतर ढंग से अभ्यास की आवश्यकता होती है। इसके लिए किसी योग विशेषज्ञ से आसन के सही क्रम के बारे में जान लेना बेहतर माना जाता है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। पैरों को पद्मासन की मुद्रा में लेकर आएं। जांघें और घुटने फर्श पर रखते हुए सांस खींचते हुए सीने को ऊपर की तरफ उठाएं। सिर के ऊपरी हिस्से को जमीन पर ही रखें। कुछ समय तक इस स्थिति में बने रहें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पूर्ववत स्थिति में आ जाएं। 

मत्स्यासन योग के क्या लाभ हैं?

योग विशेषज्ञों के मुताबिक मत्स्यासन योग का नियमित अभ्यास आपके लिए कई तरह से लाभदायक हो सकता है। शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए इसके अभ्यास को कारगर माना जाता है। 

आपके गर्दन, गले और कंधों से अतिरिक्त तनाव को दूर करके आराम दिलाता है।

आपकी गर्दन और एब्डोमिनल के सामने के हिस्से को स्ट्रेच और टोन करता है।

पेट और गले के अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे उनमें रक्त का संचार तेज होता है। 

 पीठ के ऊपरी हिस्से और गर्दन के पिछले हिस्से को मजबूत करता है।

तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है।

सिर में रक्त के संचार को बढ़ावा देता है जिससे कई तरह की समस्याएं दूर रहती हैं।