मंदाकिनी को अविरल बनाने के लिए आगे आया संत समाज

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

चित्रकूट में 111 दिन पदयात्रा करेगा संत समाज

उद्गम स्थल से शुरू होकर संगम तक जाएगी यात्रा

चित्रकूट में मंदाकिनी को स्वच्छ करने की दैनिक भास्कर की मुहिम रंग ला रही है। इसी क्रम में अब मंदाकिनी नदी को अविरल और निर्मल बनाने के लिए संत समाज एवं समाजसेवियों ने 111 दिन तक पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा में कामतानाथ मुखारविंद के महंत मदन दास, समाजसेवी भरत पाठक एवं प्रयागराज विश्वविद्यालय के छात्र मौजूद रहेंगे। मंदाकिनी नदी के संरक्षण के लिए मंगलवार को सती अनुसूया आश्रम से यात्रा प्रारंभ होकर मंदाकिनी संगम राजापुर तक चलेगी। पदयात्रा 11 दिन तक चलेगी। मंगलवार को उद्गम स्थल से यहां से साफ सफाई करते हुए टाटी घाट तक जाएंगे।

मंगलवार की रात्रि विश्राम टाठी घाट में रहेगा। मंदाकिनी नदी धीरे धीरे गंदगी में पटी जा रही थी, इसी को देखते हुए संत समाज और समाजसेवियों ने मंदाकिनी को अविरल और निर्मल बनाने का बीड़ा उठाया है।यात्रा के दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कहां कि मां मंदाकिनी नदी को प्रदूषण से बचाएं इस यात्रा का सहयोग करें।

मंदाकिनी नदी का कैसे हुआ था उद्गम

सती अनसूया मंदिर के पुजारी कृष्णकांत गौतम बताते हैं कि त्रेता युग में अनसूया के पति अत्रि मुनि तपस्या कर रहे थे। तपस्या पूर्ण होने के बाद उन्हें प्यास लगी सती पानी खोजने निकली तो उसे कहीं पानी नहीं मिला। तब सती अनुसूया ने अपने तपोबल से अनसूया आश्रम के आगे जूरी नाला से मंदाकिनी का हजारों धाराओं में उद्गम किया था। आज भी यहां से सैकड़ों धाराएं निकलती दिख रहे हैं।

इसको अविरल और निर्मल बनाने के लिए संत समाज और समाजसेवी आगे हुए हैं। इस अवसर पर कामतानाथ प्रथम मुखारविंद के महंत मदन दास समाजसेवी भरत पाठक अनसूया आश्रम के अखंड आनंद महाराज सफाई व्यवस्था पर प्रभात गहरवार आदि मौजूद रहे।