प्रेम

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

प्रेम है जो हर जीव

को ईश्वर से मिलाता है।

आप पेड़ लगाते हैं तो

वो ऑक्सीजन देते हैं।

ऑक्सीजन से जीव है

जीवन में ईश जपते हैं।

आप पशु पक्षियों को

भोजन दे दुआ पाते हैं।

आप मानव रक्षा करते हैं

आत्मा संतुष्ट होती है।

आत्मा, आत्मा ही तो

परमात्मा का अंश है।

जब जन जन में प्रेम

जगाते हैं तो ईश्वर प्रेम है।

किसी के दर्द पर मरहम

लगाना ईश्वर से प्रेम है।

प्रेम है जो हर जीव को

ईश्वर से मिलाता है।

कण - कण में ईश्वर

प्रेम ही ईश अनुभूति है।

पूनम पाठक "बदायूँ "