सत्य और ज्ञान के स्वरूप बांके बिहारी की आराधना मे निहित है जीवन का परमार्थ-अनूपदेव जी

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

महेवा मलकिया मे भागवत कथा मे पहुंचे पूर्व मंत्री राजा भइया का हुआ मांगलिक सम्मान

कुण्डा, प्रतापगढ़। महेशगंज बाजार के समीप हो रही श्रीमदभागवत कथा ज्ञानयज्ञ मे गुरूवार को श्रद्धालुओं की उत्साहजनक भीड़ दिखी। नृसिंह पीठाधीश्वर धाम से पधारे कथाव्यास आचार्य अनूपदेव जी महराज ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भगवान कृष्ण सत्य के स्वरूप हैं। वह ज्ञान के स्वरूप हैं। उन्होनें कहा कि भक्त को सुख की प्राप्ति के लिए इहलौकिक तथा परलौकिक कल्याण के लिए सदैव भगवान के भजन को आत्मसात करना चाहिये। उन्होनें कहा कि श्रद्धालु किसी भी कामना से भगवान का पूजन करते है तो वह स्वतः पुण्यात्मा होने का भाग्य फल अर्जित कर लिया करते है।

 उन्होनें कहा कि ज्ञानी को भगवत्साक्षात्कार हो जाने पर वह सदैव भगवान के प्रति नित्य निष्काम भाव से समर्पित हो जाया करता है। आचार्य अनूपदेव जी महराज ने कहा कि भगवान का कृपा पात्र अवश्यसम्भावी होने के लिए धर्म के सर्वोत्कृष्ट आचरण का निर्वहन करना चाहिये। उन्होनें कहा कि भगवत ज्ञान यही है कि परमात्मा के रहते हुए दूसरा हमारी धर्म पथ की रक्षा मे कभी हानि नहीं कर सकता है। कथा श्रवण के लिए पूर्व मंत्री एवं जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजा भइया भी पहुंचे।

 कथास्थली पर राजा भइया के पहुंचने पर श्रद्धालुओं को भी मगन देखा गया। वहीं राजा भइया को आचार्य अनूपदेव जी महराज तथा काशी धाम के राजगुरू आचार्य विष्णुपति त्रिपाठी ने लोक मंगल का मांगलिक आशीष स्वरूप उन्हें धार्मिक ग्रन्थ व आध्यात्मिक पट्टिका सौंपा। वहीं श्रद्धालुओं के बीच अपने संबोधन मे राजा भइया ने कहा कि जिस पावन धरा पर भगवान की कथा हुआ करती है वहां सदैव लोक कल्याण फलीभूत हुआ करता है। राजा भइया कथा के दौरान मंगल आरती मे भी शामिल हुये। 

सह संयोजक आलोक त्रिपाठी गुडडू व अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी पंकज एवं आनन्द त्रिपाठी ने आयोजन समिति की ओर से राजा भइया का कथास्थली पर सारस्वत सम्मान भी किया। वहीं विश्राम बेला मे संयोजक पं. जनार्दन प्रसाद त्रिपाठी तथा सह संयोजिका शकुन्तला त्रिपाठी ने कथा व्यास आचार्य अनूपदेव तथा राजगुरू आचार्य विष्णुपति त्रिपाठी व कुलगुरू पं. कमलाकर राम त्रिपाठी का मंगल टीका कर श्रीअभिषेक किया। 

कथा श्रवण के दौरान बाबागंज विधायक विनोद सरोज, रूरल बार के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल, हितेश सिंह पंकज, कुलदीप पटेल भी मौजूद रहे। कथा समापन पर पादुका पूजन कार्यक्रम के प्रबन्धन में डा. सुरेश पाण्डेय, डा. राकेश पाण्डेय, डा. संध्या पाण्डेय, धीरज शुक्ल, आदित्य त्रिपाठी, महेश शुक्ल, प्रवीण पाण्डेय, अमन त्रिपाठी, बबन पाण्डेय, पीयूष त्रिपाठी, आयुष त्रिपाठी, ऋषभ शुक्ला, ऋतिक शुक्ला, तपन पाण्डेय, श्रुति त्रिपाठी, पूजा त्रिपाठी, विद्योतमा त्रिपाठी, सुषमा शुक्ला, किरन शुक्ला, गीता त्रिपाठी, अनीता शुक्ला, आर्या, समृद्धि का योगदान भी सराहनीय देखा गया।