क्या ज़िम्मेदार अधिकारियों व पुलिस प्रशासन की सह पर हो रहा पहाड़ों पर अवैध खनन

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

पुलिस द्वारा चोरी की खनिज लदा ट्रैक्टर पकड़ने के बाद आख़िर क्यों छोड़ा गया

क्या अवैध खनन माफियाओं के आगे नत मस्तक हैं जिम्मेदार अधिकारी

चित्रकूट। मानिकपुर तहसील के अन्तर्गत ग्राम पंचायत सरैया के काली घाटी, गढ़चपा, ऐचवारा, खरौध, बहिलपुरवा, रूखमा खुर्द, रूखमा बुजुर्ग व मड़ैयन के पहाड़ों से मनमाने तरीके से पहाड़ों से मोरम व पत्थर का अवैध खनन किया जा रहा है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है व जिम्मेदार अधिकारी व पुलिस के जिम्मेदार लोगों द्वारा अवैध खनन माफियाओं से मिलीभगत करके मनमाने तरीके से वसूली की जा रही है व सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाई जा रही है l

ऐचवारा गांव स्थित लौघटा पहाड़ व रमदनिया पहाड़ में हो रहे अवैध खनन की खबर प्रकाशित होने पर गत दिनों पूर्व खनिज अधिकारी सनी कौशल द्वारा मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया गया था व पहाड़ों पर हो रहे अवैध खनन की खबर सही निकली थी जिसमें खनिज अधिकारी ने अवैध खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने का आश्वासन दिया था लेकिन खनिज अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही तो नहीं की गई लेकिन अवैध खनन माफियाओं द्वारा और तेजी से खनन करवाया जाने लगा है l

पुलिस अधीक्षक चित्रकूट के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर बहिलपुरवा पुलिस तलाश में जुटी हुई थी जहां सोमवार व मंगलवार के मध्य रात्रि में अवैध खनन एवं परिवहन करते हुए पत्थरों से लदे लाल रंग के महिन्द्रा भूमिपुत्र 275 di xp plus ट्रैक्टर जो ऐचवारा गांव का है उसको पुलिस ने पकड़ लिया और टैक्टर को पुलिस ने पकड़ कर थाने ले जाकर खड़ा कर लिया है जिसमें किसी प्रकार की कोई विधिक कार्यवाही नहीं की गई बल्कि ट्रैक्टर व ट्रैक्टर चालक को छोड़ दिया गया जिसके कारण अवैध खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं l

तो वहीं दूसरी ओर तो वहीं दूसरी ओर भरतकूप के गोंडा ग्राम पंचायत में भी सरकारी विद्यालय के महज 100 से 200 मीटर की दूरी पर बिना पैमाइश के खनिज अधिकारी व पुलिस प्रशासन की शह पर संचालित है पत्थर खदान इस पर शासन प्रशासन गोलमोल जवाब देने से बाज नहीं आ रहा आपको बताते चलें की ग्राम पंचायत गुड़ा में बीदर पुरवा मजरे में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय जहां 80 से 90 छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं उच्च विद्यालय के महज 100 से 200 मीटर की दूरी पर बिना पैमाइश कराए बिना राजस्व को सूचना दिए पत्थर खदान संचालित है इस पर जब खनिज अधिकारी को सूचना दी गई तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया ना कि उसे रुकवाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए अब योगी सरकार से इस संज्ञान पर जवाब देने के लिए जिले के मीडिया कर्मियों ने कमर कस रखी है अब देखना यह होगा कि ऐसे बेलगाम खनिज अधिकारियों व पुलिस प्रशासन की शह पर नौनिहालों के साथ हो रहे अत्याचार अनहोनी को न्योता देने वाली ऐसी आंधी खदानें कब तक संचालित रहेंगी।