भोले से गठबंधन

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क


भोले को बांध लिया हमने,

रिश्तों की पावन डोरी से,

ना मन का आपा खोने दें,

हम अपने उस हमजोली से।

ये जीवन-बंधन नहीं बंधे,

रिश्तों की मोह तिजोरी में,

हम अपने और पराए में,

ना भेद करें मजबूरी में।

भोले को बांध...

रितुओं के आने-जाने में,

भोले भी फर्क नहीं करते,

हम इंसा होकर दुनिया में,

क्यूं इंसा को ही छला करते।

तेरे आने की आहट में,

मन माने-ना बैचेनी में,

तुम पास खड़े छाया बनके,

मैं ढूंढ रहा अंजानों में।

भोले को बांध ...

ना टूटन हो ना अनबन हो,

दिल की धड़के बस धड़कन हो,

मन ही मन उनका वंदन हो,

भोले से बस गठबंधन हो।

भोले को बांध ...


कार्तिकेय त्रिपाठी 'राम'

गांधीनगर, इन्दौर,(म.प्र.)