मां शाकम्भरी सृष्टि का भरण पोषण करने वाली देवी: स्वामी कालेन्द्रानंद

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

सहारनपुर। राधा विहार स्थित महाशक्तिपीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में मां शाकंभरी जन्मोत्सव अवसर पर स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा कि मां शाकंभरी देवी सृृष्टि का भरण पोषण करने वाली पराशक्ति है। श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान की तत्वाधान में आयोजित मां शाकंभरी देवी पूजा में शतचंडी पाठ का विश्राम दिया गया मां भगवती मां शक्मभरी देवी जी के जन्मोत्सव उपलक्ष में मां भगवती की प्रतिमा का श्री दुर्गा सहस्त्रनाम स्तोत्र से माआभिषेक किया गया और मां भगवती का दिव्य श्रृंगार कर मां को शाक भाजी अर्पण कर छप्पन भोग लगाया गया एवम मां शाकंभरी देवी की आरती उतारी गई इसके उपरांत भंडारे का प्रसाद वितरण किया गया।

मां भगवती आदि शक्ति शाकंभरी देवी की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि आदि शक्ति उं भगवती ने रक्त बीज जैसे दानव का संघार करने हेतु दिव्य शाकंभरी रूप धारण किया,दानव का संघार कर मां भगवती ने देवो को शाक भाजी प्रदान कर अपने एवम सहस्त्र नेत्रों से अर्पण रूपी जल धारा का पान कराया।

महाराज श्री ने कहा कि आदि शक्ति ही सृष्टि के जड़ चेतन में व्याप्त हैं आदि शक्ति हो जीव का प्राण तत्व हैं शक्ति ही ब्राह्मण की जाग्रत शक्ति है जिसके प्रभाव से श्रृष्टि गतिमान है शक्ति के अभाव में शिव भी शव रूप है। उन्होंने कहा कि मां शाकंभरी देवी की आराधना करने से सुख समृद्धि एवम अनपूर्णा रूप होकर भरण पोषण कर अन्त में परम पद प्रदान करती है,इस अवसर पर पं ऋषभ शर्मा,योगेश तिवारी,अरुण स्वामी,राकेश,गीता सुनीता,राजबाला,सुचेता,आदि रहे।