हृदय रोगों से बचे रहने के लिए आज से ही शुरू कर दें इन योगासनों का अभ्यास

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

पिछले एक दशक में जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण जिन रोगों के मामलों में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला है, हृदय रोग उन्हीं में से एक हैं। इसे दुनियाभर में होने वाले मौत के प्रमुख कारण के रूप में भी देखा जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिस तरह से लोगों में समय के साथ शारीरिक निष्क्रियता के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, यही वजह है कि अब बेहद कम उम्र में भी लोग इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के शिकार होते जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय रोगों से बचे रहने के लिए योग को जीवनशैली की हिस्सा बना लेना सबसे आसान और कारगर विकल्प हो सकता है। कई तरह के योगासन हृदय के कार्यों को बढ़ाने के साथ इससे संबंधित गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं। रोजाना 30 मिनट का समय निकालकर तमाम तरह के योगासनों का अभ्यास करके आप स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। आइए आगे जानते हैं कि किन योगासनों के अभ्यास को हृदय रोगों से बचाने में फायदेमंद माना जाता है।

ताड़ासन योग का अभ्यास

ताड़ासन योग का अभ्यास करना कई तरह से सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह सांस लेने, तनाव से राहत देने और रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में बेहद मददगार है। हृदय को मजबूत बनाने के साथ इसपर पड़ने वाले दवाब को कम करने के लिए भी ताड़ासन योग के अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है। नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करने से न केवल सहनशक्ति और ऊर्जा बढ़ती है, साथ ही रक्तचाप के स्तर को भी सामान्य रखने में यह मददगार है।

वृक्षासन योग

वृक्षासन योग या ट्री पोज को कई तरीके से फायदेमंद माना जाता है। यह न केवल रीढ़ की हड्डी को मजबूती देता है साथ ही शरीर के संतुलन को बढ़ावा देने में भी इसे फायदेमंद माना जाता है। वृक्षासन योग का अभ्यास करने के दौरान कंधे और हृदय की मांसपेशियां खुलती हैं, जिससे हृदय पर दबाव कम होता है। नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से रक्त संचार बेहतर होता है और दिल की बीमारियां दूर रहती हैं।

कोबरा पोज

कोबरा पोज, उन योगासनों में से एक है जो कई रोगों के खतरे को दूर करने में मदद करता है। कोबरा मुद्रा न केवल पेट की चर्बी से छुटकारा दिलाने में मदद करती है साथ ही छाती को खोलने के साथ हृदय की मांसपेशियों को भी मजबूत करती है। कोबरा पोज को कमर और पीठ के दर्द को कम करने के लिए भी काफी लाभदायक माना जाता है।