किडनी को स्वस्थ रखने के लिए इन योगासनों का करें रोजाना अभ्यास

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए सभी अंगों को स्वस्थ रखने पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हम हृदय, लिवर और फेफड़ों को स्वस्थ बनाए रखने के उपाय तो करते हैं लेकिन किडनी की सेहत को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। शरीर से अपशिष्ट पदार्थों के बाहर निकालने में किडनी का महत्वपूर्ण योगदान होता है, इसमें होने वाली किसी भी तरह की समस्या, शरीर में गंभीर रोगों को जन्म दे सकती है। किडनी रक्त से अपशिष्टों को छानकर उसे शुद्ध करने का महत्वपूर्ण कार्य करती है। इसके अलाव मूत्र प्रणाली के कामकाज, हार्मोन के स्राव और शरीर में रक्तचाप के स्तर को ठीक बनाए रखने में भी किडनी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आहार को बेहतर रखने के साथ दैनिक जीवन में योगासनों को शामिल करके किडनी को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। आइए ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं। 

किडनी के स्वास्थ्य के लिए योग के लाभ

विभिन्न प्रकार के योगासनों को प्रयोग में लाकर रक्त संचार को बढ़ाने और अंगों की सही देखरेख करने में मदद मिल सकती है। अपनी किडनी के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए दिनचर्या में कुछ योगासनों को शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। यह योगासन किडनी की क्षमता को बढ़ाने के साथ उसकी कार्य प्रणाली को बेहतर बनाए रखने में सहायक होते हैं। 

भुजंगासन का अभ्यास

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के साथ पेट को ठीक रखने में भुजंगासन का अभ्यास विशेष लाभदायक माना जाता है। कोबरा पोज या भुजंगासन योग, किडनी और लिवर को उत्तेजित करने के साथ शरीर को तनाव और थकान से बचाने में सहायक है। कमर दर्द की समस्या में भी इस योग के अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है। भुजंगासन का नियमित अभ्यास इम्युनिटी बढ़ाने में भी सहायक है।

नौकासन योग

नौकासन योग या बोट पोज, पेट के अंगों को मजबूत करने और उन्हें उत्तेजित करने में सहायक मानी जाती है। यह पाचन में सुधार करने और किडनी पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में भी मदद करता है।

किडनी को स्वस्थ रखने के टिप्स

किडनी को स्वास्थ बनाए रखने के लिए योग के अलावा जीवनशैली में कुछ बदलाव भी आवश्यक हैं, जिन्हें उपयोग में लाकर आप विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 

घर का बना खाना खाएं और बाहर का खाना खाने से बचें।

अपने आहार में अधिक से अधिक फल और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।

उच्च पोटेशियम वाले खाद्य पदार्थों से बचें। अपने आहार में आयरन युक्त भोजन को अधिक शामिल करें।

खूब पानी पिएं और रोजाना 6-8 घंटे की नींद लें।