कोरोना के विभिन्न वेरिएंट मानवजाति के लिए चुनौती!!!

 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

नया कोविड वेरिएंट ओमिक्रांन - उपयुक्त कोविड व्यवहार, दो डोज़ वैक्सिन, सावधानी, सतर्कता तात्कालिक ज़रूर बरतें तो घबराने की जरूरत नहीं - एड किशन भावनानी

गोंदिया - वैश्विक स्तर पर एक बहस छिड़ी है नए कोविड वेरिएंट ओमिक्रोंन को लेकर, कि इसका उदय किस देश से हुआ!! हालांकि सबसे प्रथम जानकारी दक्षिण अफ्रीका से आई और यूरोपियन देशों ने धड़ाधड़ दक्षिण अफ्रीका की फ्लाइट्स इत्यादि पर बंदिश लगा दी फ़िर बाद में जानकारियां आई कि इसके पहले यह नया कोविड वेरिएंट ओमिक्रोंन यूरोपियन देशों में इसके पहले ही था लेकिन अधिकृत जानकारी नहीं आ रही है!! साथियों हमें इस पचड़े में ना पढ़कर हमें अपने आपको, अपने जिले, राज्य और भारत को देखना है। भारत में भी दो केसों के साथ शुरुआत हुई और आज 21 से अधिक केस कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली गुजरात, राजस्थान इत्यादि राज्यों में भी सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है। मेरा मानना है कि हमें चिंता करने या घबराने की ज़रूरत नहीं बस!! ज़रूरत है, कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने, सावधानी बरतने, दोनों डोज़ वैक्सीन के लगाने, सतर्कता बरतने की, इसके लिए लोगों को प्रोत्साहन करने की, तो यह नया वेरिएंट हम तक नहीं पहुंचेगा। साथियों बात अगर हम कोविड-19 से शुरू हुई इस महामारी कोरोना की करें तो इससे इसकी दूसरी तीसरी लहर, फिर डेल्टा, डेल्टा प्लस का उदय हुआ और अब ओमिक्रोंन का उदय और हो सकता है आने वाले दिनों में इससे बढ़कर कोई और नया वेरिएंट आए। परंतु यदि हम सावधान, सतर्क नहीं रहे तो इसका हम पर अटैक करने की संभावना भी बनी रहेगी!! यदि हम कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन, शासन प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन,दोनों डोज़ वैक्सीन, सतर्कता बरतते हैं, तो हमें पूरा विश्वास है यह वैरीएंट हमें छू भी नहीं पाएगा, हमें घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। साथियों बात अगर हम कोरोना महामारी के किसी भी वेरिएंट के फैलने, नुकसान पहुंचाने की करें तो यह अपने आप नहीं होता हम मानवजाति, हम नागरिक खुद इसके जिम्मेदार हैं!! क्योंकि हम कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं करते। साथियों अभी भी आप अपने आसपास नजर दौड़ाएंगे तो अधिकतम ऐसे लोग मिलेंगे जिनके मुंह पर मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, दो गज की दूरी, सैनिटाइजेशन, वैक्सिंन के दोनों डोज़ पूर्णता वाले नहीं मिलेंगे!!! इन नियमों को तोड़ते हुए सरेआम लोग देखेंगे!! बस!!! यही कारण है कि महामारी बेहिचक हम तक पहुंच जाती है, और हम अपने से शुरू हुई महामारी से सैकड़ों, फिर हजारों, लाखों को संक्रमित कर महामारी को बढ़ावा देते हैं। सरकार को लॉकडाउन, नियमों में कढ़ाई, कार्यवाही करने के लिए मजबूर होना पड़ता है!! जो कि शुरुआत हम नागरिकों से ही होती है। इसलिए हमको अपने जीवन की जीवनशैली में अब कोविड उपयुक्त व्यवहार के पालन को ढालना ही होगा। जिससे हम अपने और अपने परिवार के जीवन चक्र की सुरक्षा कर पाएंगे!! साथियों बात अगर हम शासन-प्रशासन की करें तो इस स्तर पर भी पूरी तैयारियां दिख रही है। हर घर दस्तक अभियान में घर-घर टीके लगाए जा रहे हैं। उधर, विभाग संक्रमित मरीजों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तैयारी में जुट गया। अस्पतालों में दवा, बेड, ऑक्सीजन, डाक्टर्स, स्टाफ नर्स आदि की तैनाती के लिए प्लानिंग की जा रही है। संक्रमण से बचाव को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। संक्रामक वैरिएंट को रोकने में पूरी ताकत लगाने को कहा गया है। साथ ही जांच-निगरानी उपायों और स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी लाने की तैयारी शुरू हो गई है। उधर ऑक्सीजन प्लांट और आम स्वास्थ्य सामग्री की तैयारी पूर्ण रूप से कर ली गई है ऐसा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा जानकारी दी गई है। साथियों बात अगर आम सावधानी बरतने की करें तो यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि पहले से ही हमारे भारत देश में रोज़ नव हजार के करीब कोविड बाधित केस आ रहे हैं और रोज मृत्यु होने वालों का आंकड़ा भी चिंतनीय है ऐसे में नए वेरिएंट ओमिक्रोंन का आना अति चिंतनीय विषय है। परंतु इसके लिए तो कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करना तात्कालिक अनिवार्य हो गया है। इससे दो कदम आगे बढ़ते हुए अब हर राज्य को अपने जिला स्तर पर रणनीतिक रोडमैप बनाना ज़रूरी हो गया है। साथियों बात अगर हम माननीय उपराष्ट्रपति द्वारा दिनांक 4 दिसंबर 2021 को एक कार्यक्रम में संबोधन की करें तो जारी विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने भी आज लोगों से कहा कि नए कोरोना वायरस स्ट्रेन के उभरने से घबराने की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने लोगों को इससे सतर्क रहने और महामारी खत्म होने तक उचित व्यवहार का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने लोगों से किसी भी हिचकिचाहट, यदि कोई हो, को छोड़ने और जल्द से जल्द टीका लगवाने का भी आग्रह किया। आगे कहा कि कोरोना वायरस महामारी पूरी मानव जाति के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर आई है। उन्होंने वर्तमान में भारत में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की सराहना की। यह मानते हुए कि हमारे रास्ते में अब भी कई चुनौतियां हैं, उपराष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के बाद से भारत ने कई बाधाओं का सामना किया है लेकिन हमने सफलतापूर्वक उनपर विजय हासिल की है। उन्होंने कहा कि हमें प्रगति और मानवता के मार्ग से कोई नहीं हटा सकता। यही कारण है कि भारत की सफलता विश्व की सफलता है। भारत को एक बार फिर विश्वगुरु बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने सभी हितधारकों से एक साथ आने और आत्मनिर्भर, समृद्ध, खुशहाल तथा मजबूत भारत बनाने के इस महा-यज्ञ में शामिल होने का आग्रह किया। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि नया कोविड वेरिएंट ओमिक्रोन से मुकाबला करने उपयुक्त कोविड व्यवहार, दो डोज़ वैक्सीन, सावधानी, सतर्कता तात्कालिक ज़रूर बरतें तो घबराने की ज़रूरत नहीं। कोविड-19 के नए नए वेरिएंट अब मानव जाति के लिए चुनौती बन चुके हैं जिसका मुकाबला उपरोक्त कोविड उपयुक्त व्यवहार को अपनाकर करना जीवन जीने के लिए तात्कालिक ज़रूरी है। 

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र