मैं सिद्धार्थनगर हूँ

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क


महापुरुषों की जन्मभूमि,

विश्व-शांति का प्रारंभिक सफ़र हूँ ।

भगवान गौतम बुद्ध की नगरी,

मैं सिद्धार्थनगर हूँ ।


बच्चों की गूंजती किलकारियाँ,

युवाओं के संतुष्टि का शहर हूँ ।

अनेक धर्मों की फूलों से गुथी हुई माला,

मैं सिद्धार्थनगर हूँ ।


धन-धान्य से सम्पन्न,

प्रेम का प्रवाहित नहर हूँ ।

काला नमक की उर्वरा भूमि,

मैं सिद्धार्थनगर हूँ ।


तोड़ने से नहीं टूटती,

एकता की परिभाषा का ऐसा असर हूँ ।

जिन्दगी की डगर दंगों से दूर,

मैं सिद्धार्थनगर हूँ ।


रचयिता - महेन्द्र कुमार मद्धेशिया