भारत के हर शहर हर गांव में विज्ञान महोत्सव मनाने की ज़रूरत ताकि युवाओं को गंभीर रूप से सोचने के लिए प्रेरित किया जा सके

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

गोंदिया - भारत की 65 प्रतिशत आबादी युवा है। इस बात का बारबार संज्ञान पीएम सहित अनेक मंत्रियों बुद्धिजीवियों चिंतकों द्वारा लिया जाता है तथा भारत के विकास की ओर तीव्रता से कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाता है। साथियों आज के डिजिटलाइजेशन युग में और विज्ञान तथा नवाचार के सहयोग से हर काम आसान हो गया है, जो हमारे बड़े बुजुर्ग देखकर हैरान हैं और उन्हें अपने दिन याद आते हैं कि कैसे तकलीफों में उन्होंने दिन काटे थे जो आज के युग में मिनटों में वह काम होते हैं जिनके लिए पूर्व में उन्हें दिनों, महीनों लग जाते थे। साथियों बात अगर हम आज के विज्ञान और नवाचार की करें तो भारतीय बुद्धिक्षमता याने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का जवाब नहीं!! यह वैश्विक रूप से प्रसिद्ध है !! बस !! जरूरत है हमें और ध्यान देने की तथा इसे गंभीरता से लेने की!! साथियों बात अगर हम भारत के गोवा राज्य में पणजी में होने वाले 10 से 13 दिसंबर 2021 को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान उत्सव की करें तो ऐसे उत्सव भारत के हर शहर व हर गांव में मनाए जाना चाहिएक्योंकि ऐसे उत्सव से नवाचारों के रास्ते खुलते हैं, उम्मीदें बनती है !! खास करके हमारे युवा साथियों को इस विषय पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।हमें अच्छी एक नौकरी ही लेना नहीं है अपितु अच्छी नौकरी देने के अवसरों को भी उत्पन्न करना है ! ! यह तब होगा जब हम नवाचारों की गहराई को समझेंगे हमें नई-नई वैज्ञानिक तकनीकों को पर ध्यान देकर उसेक्रियान्वयन करने से संबंधितों को सहयोग देना व सीखना है। प्रेरणा लेना है ताकि हम भी उन्हें अपनाकर, आत्मनिर्भर भारत और विज़न 2047 में अपनी आहुति दे सकें। हम जानते हैं कि भारत की 65 प्रतिशत आबादी युवा है और जितने अच्छेसे भारत नवाचारों,विज्ञानों का उपयोग कर तरक्की कर सकता है उतना शायद वैश्विक रूप से अन्य कोई देश नहीं कर सकता!! शासन प्रशासन से मेरा यह सुझाव है कि अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान उत्सव 10 से 13 दिसंबर को लाइव टेलीकास्ट किया जाए ताकि यह भारत के घर-घर तक पहुंच बना सके और इससे प्रेरणा लेकर युवा वर्ग आगे आए विज्ञान उत्सव में इन 4 दिनों में वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीविदों का सम्मेलन, नए युग की प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन, राष्ट्रीय सामाजिक संगठन और संस्थाओं का सम्मेलन, विज्ञान फिल्म महोत्सव, विज्ञान साहित्य महोत्सव, अभियांत्रिकी छात्र महोत्सव विज्ञान ग्राम उत्सव, पारंपरिक शिल्प और शिल्पी महोत्सव, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, खेलो और खिलौनों का उत्सव, इत्यादि शामिल है। साथियों बात अगर हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा दिनांक 28 नवंबर 2021 को जारी पीआईबी की करें तो केंद्रीय विज्ञान मंत्रीने कहा कि रचनात्मक नवाचार से जुड़ा हुआ विज्ञान आम आदमी के लिए लिए जीवन में सहजता लाता है। अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान उत्सव का विषय आजादी का अमृत महोत्सव - एक समृद्ध भारत के लिए रचनात्मकता, विज्ञान,प्रौद्योगिकी और नवाचार का उल्लास मनाना है।उन्होंने कहा, इस वर्ष इसी थीम पर आधारित इस मेगा इवेंट में बारह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष का उत्सव मना रहा है और स्वतंत्र भारत के 100 वर्ष के होने से पहले अगले 25 वर्षों के लिए कार्य योजना तैयार करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि यह भारत के युवाओं के लिए एक गौरवपूर्ण विशेषाधिकार और अवसर है जब वे 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होते समय राष्ट्रनिर्माण में योगदान करने में सक्षम होंगे और तब भारत विश्व समुदाय में एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि पीएम के भारत में विज्ञान न केवल शोध का विषय है, बल्कि इसने उत्सव के आयामों को ग्रहण कर लिया है और भारत के हर शहर तथा गांव में विज्ञान महोत्सव मनाने की जरूरत है, ताकि युवाओं को गंभीर रूप सोचने के लिए  प्रेरित किया जा सके। उन्होंने 10 से 13 दिसंबर, 2021 तक पणजी, गोवा में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान उत्सव (इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल-आईआईएसएफ ) 2021 के सातवें संस्करण के लिए बोल रहे थे। उन्होंने भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव की श्रृंखला भारत में सतत विकास और नए तकनीकी नवाचारों के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण के फलक (स्पेक्ट्रम) को विकसित करने और व्यापक बनाने में भारत के दीर्घकालिक दृष्टिकोण का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उन्नति के माध्यम से ग्रामीण भारत के लिए एक रणनीति बनाना भी है। उन्होंने बताया कि भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान और स्वच्छ भारत अभियान, स्वस्थ भारत अभियान मेक इन इंडिया, डिजिटल भारत जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का समर्थन करने के लिए भारत भर के युवा छात्रों, वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों को एक मंच प्रदान करेगा।, उन्नत ग्राम (स्मार्ट विलेज' ), उन्नत शहर ('स्मार्ट सिटीज'), नमामि गंगे, उन्नत भारत अभियान, उन्होंने कहा कि विज्ञान महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लोगों द्वारा नवाचारों का उपयोग करना और ऐसी तकनीक विकसित करना है जो जनता के लिए सस्ती हो। अतः अगर हम उपरोक्त विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि भारत के हर शहर हर गांव में विज्ञान महोत्सव मनाने की ज़रूरत है। ताकि युवाओं को गंभीर रूप से सोचने के लिए प्रेरित किया जा सके तथा अंतरराष्ट्रीय विज्ञान उत्सव 10 से 13 दिसंबर 2021 एक आत्मनिर्भर भारत और विज़न 2047 के दीर्घकालीन दृष्टिकोण का अभिन्न अंग है। 

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र