मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किया 5000 स्वास्थ्य उपकेन्द्रों का लोकार्पण

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  

जनपद को सर्वाधिक 296 स्वास्थ्य उपकेन्द्र की मिली सौगात

सांसद ने शिलालेख का अनावरण कर किया उद्घाटन

दूरस्थ क्षेत्रों में भी घर के पास मिलेंगी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ

जीवन रक्षक टीकों सहित माँ बच्चों की होगी बेहतर देखभाल

बहराइच । आम जनमानस को घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 5000 नवीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया गया। जिसमें जनपद बहराइच को सर्वाधिक 296 नवीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों की सौगात मिली है। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद बहराइच अक्षयवर लाल गोंड द्वारा विधायक सदर श्रीमती अनुपमा जायसवाल व बलहा की श्रीमती सरोज सोनकर के साथ नवीन स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के शिलालेख का अनावरण किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अजीत चंद्रा, एसीएमओ डॉ योगिता जैन, डीसीपीएम मोहम्मद राशिद, डीपीएम सरजू खान, एनसीडी से विवेक श्रीवास्तव , ट्विटर इंचार्ज कामिनी शुक्ला, परिवार नियोजन विशेषज्ञ यूपी टीएसयू, वरिष्ठ सहायक अभिषेख रंजन व जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह मौजूद रहे।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद अक्षयवर लाल गोंड ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 1977 में दिए गए नोटिफिकेशन के अनुसार 5000 की आबादी पर एक स्वास्थ्य उपकेन्द्र की स्थापना की जानी थी। वर्तमान में बढ़ी हुई जनसँख्या को देखते हुए शासन ने प्रदेश के 75 जिलों के लिए 5000 नए उपकेंद्रों की मंजूरी दे दी है, इसमें सबसे अधिक 296 उपकेन्द्र जनपद बहराइच को मिले हैं। इन उपकेंद्रों की स्थापना के बाद आम जनमानस को एक किलोमीटर के दायरे में ही बेसिक स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया हो जाएँगी। उन्होंने बताया कि बाद में सभी उपकेंद्रों को शासन की अनुमति से हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के रूप में परिवर्तित किया जायेगा। शासन की इस पहल से टीकाकरण, पोषण, परिवार कल्याण सेवाएँ , किशोर स्वास्थ्य सहित मातृ एवं शिशु देखभाल को बढ़ावा मिलेगा।

विधायक सदर श्रीमती अनुपमा जायसवाल ने कहा कि सरकार की इस पहल से दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आबादी को सबसे अधिक फायदा होगा। अब उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लम्बी दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद के उप स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या 310 है जो लगभग 40 लाख की आबादी को आच्छादित करते हैं। इस प्रकार एक स्वास्थ्य उप केंद्र पर लगभग 13 हज़ार की आबादी का दबाव है। शासन द्वारा 296 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों की मंजूरी मिलने के बाद जनपद में कुल स्वास्थ्य उपकेंद्रों की संख्या 606 हो जाएगी, जिससे एक स्वास्थ्य उपकेन्द्र पर औसतन 6600 आबादी की जिम्मेदारी रह जाएगी। इस पहल से जहाँ एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी वहीँ दूसरी ओर सभी तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ जाएगी। उन्होंने कोरोना काल के कठिन समय में स्वास्थ्य महकमे की प्रसंशा करते हुए कहा कि जिन लोगों के घरों में परिवार के ही लोग कोरोना से पीड़ित थे ऐसे लोग दूसरों की देखभाल के लिए कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर रहे थे।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बलहा विधायक सरोज सोनकर ने कहा कि आधी आबादी के बेहतर स्वास्थ्य को लेकर सरकार सजग है। उन्होंने कहा कि सही समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं न मिल पाने के कारण कई प्रसूता महिलायें असमय काल के गाल में समा जाती हैं। अब आबादी के निकट स्वास्थ्य उपकेंद्र हो जाने से इन सभी समस्यायों से निजात मिलेगी।