साल 2022 में संक्रमण से रहना है दूर तो करें ये योगासन

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हर दिन योग-व्यायाम करना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट भी लोगों को रोजाना योग-व्यायाम करने की सलाह देते हैं जिससे शरीर स्वस्थ रहे। योग करने से इंसान शारीरिक, मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहता है। योगासन को दिनचर्या में शामिल कर तमाम तरह की गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी कम किया जा सकता है।

वर्तमान समय में कोरोना महामारी से पूरी दुनिया परेशान है। ऐसे में वायरस से लड़ने के लिए लोगों को शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। रोग प्रतिरोधक क्षमता जितनी मजबूत होगी उतनी ही शक्ति से शरीर संक्रमित रोगों से लड़ने में सक्षम होगा। योग कर लोग अपनी इम्यूनिटी को आसानी से बढ़ा सकते हैं और शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार रख सकते हैं। ऐसे बहुत से योगासन हैं जिनसे आसानी से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।

उष्ट्रासन

इस आसन को बैठकर किया जा सकता है। इस योगासन से हृदय, फेफड़ों और आंतों की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही शारीरिक और मानसिक शक्ति के विकास में यह आसन बहुत लाभदायक है। इससे हाइपरटेंशन की शिकायत को भी दूर किया जा सकता है। इस आसन के करने से आंतरिक ऑर्गंस में खिचाव उत्पन्न होता है जिसकी वजह से इम्युनिटी क्षमता बढ़ती है। उष्ट्रासन में शरीर ऊंट की आकृति की तरह बन जाता है। 

भुजंगासन

पेट के बल लेटकर भुजंगाासन किया जाता है। इस आसन में शरीर को सांप की आकृति का बनाया जाता है। इस योगासन को जमीन पर लेटकर और पीठ को मोड़कर करते हैं, तो वहीं सिर सांप के उठे फन की मुद्रा में रहता है। इस योगासन के करने से फेफड़ों की क्षमता में वृद्धि होती है। इससे श्वसन प्रणाली सुधरती है और पाचन तंत्र भी दुररूस्त होता है। इसके साथ ही शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है।

पश्चिमोत्तासन

यह योगासन शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। इस आसन को करने से रक्त संचार में वृद्धि होती है और स्पाइन में लचीलापन आता है। इस आसन के करने से मस्तिष्क के विकार को दूर किया जाता है जिससे मानसिक तनाव दूर होता है। इस योगसान के करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। 

उत्कटासन 

उत्कटासन को खड़ा होकर किया जाता है। इस योगसान से शरीर की शक्ति बढ़ती है। इससे हमारी मांसपेशियां सुदृढ़ बनती हैं इसकी वजह से शारीरिक संतुलन बढ़ता है। इसके अलावा इस आसन से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है। मानसिक एकाग्रता होने से शरीर की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से काम करती है। इसकी वजह से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है।

ताड़ासन

ताड़ासन भी खड़ा होकर किया जाता है। इस आसन के करने से हमारी पाचन क्षमता बढ़ती है जिसकी वजह से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। इसके साथ ही मानसिक तनाव भी कम होता है।