राष्ट्रीय लोक अदालत 11 दिसम्बर को

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

सहारनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश अश्विनी कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यदि किसी का मामला न्यायालय में विचाराधीन है अथवा नही है, वह उसका निस्तारण आपसी सुलह समझोते के आधार पर 11 दिसम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में करा सकते है। उन्होने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सहारनपुर एवं जनपद की समस्त तहसीलो में रखा गया है।

अश्विनी कुमार त्रिपाठी 11 दिसम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए आज दीवानी न्यायालय परिसर से प्रचार वैन को हरी झडंी दिखाकर रवाना करते हुए यह जानकारी दी। उन्होने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिनियम के वाद, तलाक के प्रकरण को छोडकर वैवाहिक वाद, लघु शमनीय वाद, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के वाद, एन.आई.एक्ट की धारा 138 के वाद, दीवानी वाद, विद्युत अधिनियम के वाद, एम,वी,एक्ट व ई-चालान के वाद, उच्च न्यायालय एवं जनपद न्यायालय मे लम्बित भूराजस्व के वाद आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किये जायेगें। ऐसे वादो से सम्बन्धित वादकारी सम्बन्धित न्यायालय में स्वंय या अपने अधिवक्ता के माध्यम से सम्पर्क कर अपने वाद को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित करवा सकते है।

जनपद न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत विवादो के सरल एवं सौहार्दपूर्ण निपटारे का महत्वपूर्ण माध्यम है। आपसी समझौते से वादो के निस्तारण से सामाजिक सौहार्द कायम रहता है। जो वाद राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित होते है उसमे दोनो पक्षो की जीत होती है, निस्तारित वाद की कोई अपील नही होती, अदा की गयी कोर्ट फीस भी वापिस हो जाती है। 

परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री नरेन्द्र कुमार एवं पीठासीन अधिकारी एम.ए.सी.ट्रिबूनल श्री अनुपम कुमार ने भी राष्ट्रीय लोक अदालत मे ंनिस्तारित होने वाले वादो के विषय में बताया। आज ही राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक बिजली से सम्बन्धित वादो के निस्तारण के लिए भी विभाग के समस्त अधिकारीगण की मीटिंग नोडल अधिकारी श्री सुभाष चन्द्र अपर जिला जज द्वारा दी गयी तथा उन्हे अधिक से अधिक प्रीलिटिगेशन वाद बिजली कम्पनी के निस्तारित कराने हेतु निर्देशित किया।  समस्त न्यायिक अधिकारीगण की भी मीटिंग जनपद न्यायाधीश द्वारा ली गयी तथा अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराये जाने के लिए समस्त न्यायिक अधिकारीगणों को निर्देश दिए।

इस अवसर पर सिविल कोर्ट परिसर में कार्यरत समस्त न्यायिक अधिकारीगण, बार एसोसियेशन के अध्यक्ष अभय सैनी, सीनियर अधिवक्ता अरविन्द शर्मा सहित काफी संख्या में अधिवक्तागण एवं कचहरी स्टाफ उपस्थित रहा।