दीपदान

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क  


कार्तिक पूनम का दिवस,

दीपदान का वार ।

आज देव दीपावली,

दीपक जले हजार।।


आते सारे देवता,

गंगा करें स्नान।

मानव देखो कर रहे,

दीपों का अति दान।।


अन्न वस्त्र का दान भी,

आज करें जो लोग।

शुभ फल होता प्राप्त यदि,

रहते सदा निरोग।।


दीपदान का कर्म भी,

संपति करें विशाल।

श्री की मिलती है कृपा,

चमके किस्मत भाल।।


मंदिर या तालाब में,

करें दीप का दान।

सुख संपति के साथ में,

मिले नाम अरु शान।।


दीपदान से हो सदा,

बुरी शक्ति का नाश।

राहु केतु भी भागते,

छूटे काल के पाश।।


अंधकार मिटता सदा,

करें उजाला दीप।

हो उजिजारा हर दिशा,

प्रकाश रहे समीप।।


गीता देवी

औरैया उत्तर प्रदेश