यहाँ देखने को मिलेंगी पक्षियों की रंग-बिरंगी प्रजातियां

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

 मध्यप्रदेश के उत्तरी अंचल के शिवपुरी जिले में स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान की प्रसद्धि सख्या सागर झील में प्रवासी पक्षियों का आना प्रारंभ हो गया। माधव राष्ट्रीय उद्यान के सूत्रों के अनुसार शरद ऋतु में प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में आते हैं। सख्या सागर झील में सर्दियों के मौसम में स्पूनबिल, साइबेरियन डक, पिनटेल, जल मोर, चकवा-चकवी, जल कौवा और जल मुर्गी आदि जैसी प्रजाति के देशी और विदेशी पक्षी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान में सैलानी इस मौसम में प्रवासी पक्षियों को नैसर्गिक वातावरण में देख सकते हैं। प्रवासी पक्षी शीतकाल में यहां पर आते हैं और गर्मियों का मौसम प्रारंभ होते ही यहां से वापस अपने अपने देशों को जाने लगते हैं। ये पक्षी कई मील की उड़ान भरकर यहां आते हैं। 

माधव राष्ट्रीय उघान का इतिहास 

माधव राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1958 में मध्यप्रदेश के राज्य बनने के साथ ही की गई थी। यह जगह ग्वालियर महाराजा के लिए शाही शिकार का अभयारण्य की तरह थी। इस नेशनल पार्क का कुल क्षेत्रफल 354.61 वर्ग किमी है। माधवराव सिंधिया ने वर्ष 1918 में मनिहार नदी पर बांधों का निर्माण करते हुए साख्या सागर और माधव तालाब का निर्माण कराया था, जो आज अन्य झरनों और नालों के साथ पार्क के सबसे बड़े जल निकाय हैं।

कैसे पहुंचे

ग्वालियर से 113 किलोमीटर दूर शिवपुरी सिंधिया राजवंश की समर कैपिटल रही है। ग्वालियर यहां का सबसे पास का एयरपोर्ट है। वहीं, ट्रेन से जाने के लिए आपको झांसी और ग्वालियर के रेलवे स्टेशन आना पड़ेगा। यह उद्यान आगरा-मुम्बई (राष्ट्रीय राजमार्ग-3) और आगरा-मुम्बई (राष्ट्रीय राजमार्ग-25) पर स्थित है, इसलिए शिवपुरी और झांसी से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग इस राष्ट्रीय उद्यान के पास से ही गुजरते हैं।