सरदार बने पटेल

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 


भारत माँ के लाडले,

तुम थे वीर सपूत।

रियासतें आकर मिलीं,

संघ हुआ मजबूत।

नायक थे गुजरात के,

कृषकों के सिरमौर।

वीर साहसी आप सा,

राजनायिक नहीं और।

पतझड़ में तुमने किया,

सुन्दर सा मधुमास।

याद रखेगा देश ये,

स्वर्णिम सा इतिहास।

तुम गर्जन करते नहीं,

वर्षण वाले मेघ।

साहस, पौरुष, धीरता,

मानों धरे सुदेह।


डॉ.प्रवीणा दीक्षित,कासगंज

उत्तर प्रदेश