आपको भी अक्सर रहती है सिरदर्द की समस्या तो इन इन योगासन का करें अभ्यास

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

काम के बहुत अधिक दबाव, चिंता, नींद संबंधी विकार और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण सिरदर्द की समस्या हो सकती है। सिरदर्द दो प्रकार की होता है, एक सामान्य रूप से सिर में होने वाला दर्द और दूसरा माइग्रेन। यह दोनों ही स्थितियां सामान्य जीवन के कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं। जर्नल हेडेक में साल 2007 में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि ध्यान केंद्रित करने वाले योग के अभ्यास से माइग्रेन से पीड़ित लोगों को लाभ हो सकता है। इतना ही नहीं योग के माध्यम से माथे, गले और आसपास के हिस्सों के दर्द को भी कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सिरदर्द के ज्यादातर मामले तनाव और थकान से जुड़े होते हैं, ऐसे में सांस लेने वाले व्यायाम और ध्यान मुद्रा योगासन से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में उन योगासनों के बारे में जानते हैं जिनका नियमित अभ्यास सिरदर्द की समस्या को दूर करने में सहायक हो सकता है। 

ब्रिज पोज योग

ब्रिज पोज या सेतुबंधासन का नियमित अभ्यास सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या को दूर करने में सहायक हो सकता है। यह तनाव और चिंता की समस्या को कम करने के साथ मानसिक शांति को बढ़ावा देने में सहायक है, जिससे सिरदर्द की दिक्कत काफी हद तक कम की जा सकती है। 

हस्तपदासन

हस्तपदासन या स्टैंडिंग फॉरवर्ड बेंड योग के अभ्यास को सिरदर्द की समस्या को दूर करने में काफी मददगार माना जाता है। यह रक्त की आपूर्ति बढ़ाकर तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है और मन को भी शांत करता है। नियमित रूप से 5-10 मिनट तक इस योगासन को करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

बालासन योग का अभ्यास

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को अक्सर सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या बनी रहती है उनके लिए चाइल्ड पोज़ या बालासन का अभ्यास करना फायदेमंद हो सकता है। बालासन योग तंत्रिका तंत्र को शांत करने के साथ दर्द को प्रभावी ढंग से कम करने में सहायक माना जाता है।

प्राणायाम

शरीर में रक्त और ऑक्सीजन के संचार को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से प्राणायाम का अभ्यास करना लाभदायक हो सकता है। यह सिरदर्द के तमाम कारकों को कम करने के साथ माइग्रेन की समस्या से राहत दे सकते हैं। नियमित रूप से प्राणायाम का अभ्यास बेहद लाभदायक माना जाता है।