ध्यान से देखा नहीं

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

कौन कहता है भगवान दिखता नहीं

या  कभी भगवान को ध्यान से देखा नहीं

वह हर वक्त हमारे साथ रहता है

ईश्वर हर वक्त हमसे बात करता है

हम सब में ईश्वर की आत्मा है

हम सबका पिता तो परमात्मा है

जब ईश्वर को भाव से खिलाया जाता है

भोग वहीं रखा रहता है

और उस तक पहुंच जाता है

जब जल ईश्वर को पिलाया जाता है

जल तो वहीं दिखता रहता है

लेकिन ईश्वर तक पहुंच जाता है

ईश्वर को किसी वस्तु की

जरूरत ही नहीं है

ईश्वर ने तो हम सब को

जरूरत की चीज ही दी हैँ

ईश्वर सिर्फ मन के भागों को देखता है

ईश्वर परहित की भावना को देखता है

ईश्वर सर्वत्र दिख रहा है

जैसे धूप खिली हो हर तरफ

ईश्वर सर्वत्र दिख रहा है

जैसे चांदनी खिली हो हर तरफ

वह देख रहा है हर मानव को

वह देख रहा है हर कण-कण को

कौन कहता है  भगवान दिखता नहीं

या कभी भगवान को ध्यान से देखा नहीं

रितु शर्मा

दिल्ली