21वीं सदी की नारी!

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 


उठाओ कलम, पुस्तक व लैपटॉप

 करो परीक्षा की तैयारी,

कुछ तुम उठाओ,कुछ परिवार में बाटो

अपने घर की जिम्मेदारी,

लिखने ,पढ़ने व काम करने की अब है 

तुम्हारी भी बारी , 

भूलो ना, याद रखो

तुम हो 21वी सदीं की  नारी !

हां हां भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


सिखो करना आत्म रक्षा,ना पैदा हो 

अब कोई अत्याचारी,

खुल के जीओ 

पहनो जींस,टॉप , स्कर्ट हो या सारी

बनो बलशाली, ताकतवर, बहोत अब

तक कहलाई तुम प्यारी, 

भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!

जी हां भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


भले ही हो तो मां, बेटी, बहन, पर सबसे पहले तुम हो एक नारी,

तुम्हारा भी है खुद का वजूद, तोड़ो रूढ़ीवादी परंपराएं सारी,

रहो प्रसन्न चित्त, दिखा दो इस दुनिया को अपनी कलाकारी,

भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!

हां जी हां भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


ना चुप बैठो ना शर्माओ, सुनाओ तुम करारी,

गलत के गिलाफ उठाओ आवाज और तुम

करदो मुकदमा जारी ,

अब जीतो व जीताओ 

अब तक बहुत जगह हारी, 

भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!

सुनो, भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


कभी आग, तो कभी पानी, कभी बन जाओ चिंगारी,

खुश हो जाओ, चाहे आए बेटे या बेटी की किलकारी,

औरत ना कभी थी और ना कभी कहलाएगी बेचारी,

भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!

जान लो भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


चलाओ बाइक,एयरोप्लेन,ऑटो हो या फरारी,

कोई धमकाएं व डराए तो पड़ जाओ उनपर भारी,

हो जाओ शिक्षित, निखारो अब भविष्य लेते जाओ

जानकारी,

भूलो ना याद रखो

तुम हो 21सदीं की  नारी !

मान लो भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


कोई दखलंदाजी करें, तो बन जाओ चाकू छुरी  और आरी,

हर फैसले तुम्हारे हो, यह जिंदगी है तुम्हारी,

शांति का प्रतीक, तो कभी तुम बन जाओ क्रांतिकारी,

भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!

पहचान लो, भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


तुम्हें भी हक है, बनाओ दोस्ती यारी,

कभी मॉडर्न, तो कभी बन जाओ संस्कारी,

कभी घरेलू, कभी व्यवसाय, कभी बनो तुम व्यापारी,

भूलो ना याद रखो

तुम हो 21सदीं की  नारी !

समझ लो और भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


कभी पार्वती,कभी दुर्गा तो कभी बन जाओ काली,

बनो स्वाभिमानी,करो जो ठानी,ना होना पड़े आभारी

हर क्षेत्र में,हर व्यवसाय में हो तुम्हारी तरफदारी ,

भूलो ना तुम याद रखो तुम हो 21 वीं सदी की नारी !

आप भी ,भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


विवाहित हो या हो विधवा, या हो तुम कुंवारी,

दिखा दो इस दुनिया को, क्या होती है वफादारी,

जाने तुम्हें जहान, तुम में भी मैं भी हो खुद्दारी,

भूलो ना याद रखो

तुम हो 21सदीं की  नारी !

हां जी, भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


मिलके लाओ एक बदलाव, देख के दफा हो भ्रष्टाचारी

दिखाओ क्या होती है, मेहनत व सिद्दत से काम करके ईमानदारी, 

गर्व से ऊंचा हो सर व हिम्मत हो बहुत सारी,

भूलो ना याद रखो तुम हो 21 वीं सदी की नारी 

देखो, भूलो ना याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी !


उठाओ कलम, पुस्तक व लैपटॉप

 करो परीक्षा की तैयारी,

कुछ तुम उठाओ,कुछ परिवार में बाटो

अपने घर की जिम्मेदारी,

लिखने ,पढ़ने व काम करने की अब है 

तुम्हारी भी बारी , भूलो ना याद रखो

तुम हो 21सदीं की  नारी !

हां हां भूलो ना और याद रखो तुम हो 21वीं सदी की नारी!


डॉ. माध्वी बोरसे!

राजस्थान (रावतभाटा)!