Shardiya Navratri 2021: नवरात्रि में वास्तु के अनुसार करे पूजा-अर्चना, घर में आती है सुख-शांति और खुशहाली

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

शारदीय नवरात्रि की 07 अक्टूबर, गुरुवार से शुरुआत हो रही है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मां दुर्गा के भक्तों को नवरात्रि का बेसब्री से इंतजार रहता है। भक्त माता रानी को प्रसन्न करने के लिए उपवास रखने के साथ ही उपाय भी करते हैं। कहते हैं कि नवरात्रि में कलश स्थापना से लेकर भोग लगाने तक मां दुर्गा की पूजा में वास्तु का विशेष ध्यान रखा जाता है। मान्यता है कि वास्तु के अनुसार नवरात्रि में पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है।

1. मेनगेट पर बनाएं स्वास्तिक- नवरात्रि के दिन घर में मां दुर्गा का आगमन होता है। ऐसे में माता रानी के स्वागत के लिए मुख्य द्वार पप आम के पत्तों का तोरण लगाना शुभ माना जाता है। इसके बाद हल्दी और चावल के मिश्रण से बने लेप से मेनगेट पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मेन गेट पर मां लक्ष्मी के पैरों के निशान बनाना शुभ होता है।

2. आसन की दिशा- मां दुर्गा के आसन की दिशा क्या है, इसका भी पूजा के परिणाम पर प्रभाव पड़ता है। वास्तु के अनुसार, घर के उत्तर, उत्तर-पूर्व दिशा में ही मां दुर्गा के आसन को स्थापित करना चाहिए। इस दिशा में कलश स्थापना का भी विशेष महत्व है।

3. अखंड ज्योति- नवरात्रि में मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलानी चाहिए। वास्तु के अनुसार, अखंड ज्योति को आग्नेयकोण में जलाकर रखनी चाहिए। ज्योति के लिए शुद्ध घी का इस्तेमाल करें या सरसों के तेल का भी प्रयोग कर सकते हैं।

4. रंगों का ध्यान- नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना के दौरान काले वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए। मान्यता है कि मां दुर्गा को लाल रंग प्रिय है। इसलिए इसी रंग से मिलते जुलते वस्त्र धारण करने चाहिए।

5. मूर्ति की स्थापना- मां दुर्गा की मूर्ति को लकड़ी के आसन पर स्थापित करना शुभ माना जाता है। मूर्ति स्थापना वाली जगह पर स्वास्तिक बनाना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।