RJD में रार, लालू के कहने पर तेज प्रताप ने खत्म किया धरना

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

पटना : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव रविवार को यह आरोप लगाने के कुछ मिनट बाद अपने आवास पर धरने पर बैठ गए कि उनके विरोधियों ने उन्हें अपने पिता से मिलने से रोक दिया, जिन्हें वह हवाई अड्डे पर लेने गए थे।

हालांकि बाद में प्रसाद अपनी पत्नी राबड़ी देवी के साथ तेज प्रताप यादव के घर पहुंचे, तब जाकर उन्होंने धरना खत्म किया। यादव ने कार में बैठे अपने पिता के पैर धोए, जिसके बाद वह वापस लौट गए। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, 'देखिए, मैंने अपने पिता के स्वागत के लिए किस तरह अपने घर को सजाया था, जो कुछ मामलों के चलते लंबे समय तक मुझसे दूर रहे। उन्हें उनके विरोधियों ने इन मामलों में फंसाया था।'

इससे पहले, तेज प्रताप यादव तीन साल बाद पटना लौटे अपने पिता लालू से मिलने मां के आवास 10, सर्कुलर रोड पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया गया । तब वह कुछ सौ मीटर दूर अपने आवास पर लौटे गए। कुछ देर बाद वह अपने समर्थकों के साथ आए और धरने पर बैठ गए। उनके समर्थकों के हाथों में 'छात्र जनशक्ति परिषद' के झंडे थे।

तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुझे मेरे पिता के साथ समय नहीं व्यतीत करने देना चाहते हैं। इसी को लेकर लालू यादव के पटना लौटने के कुछ समय बाद ही तेज प्रताप अपने आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने लालू यादव के आवास के बाहर भी ये कहते हुए प्रदर्शन किया कि आरएसएस के एजेंट मुझे पिता से मिलने नहीं दे रहे हैं। जिसके बाद लालू यादव ने उनसे मुलाकात की।

यादव ने कहा, 'मैं बहुत दुखी हूं। जगदानंद सिंह आरएसएस के एजेंट हैं जो मेरी बेइज्जती करते रहते हैं। मेरे छोटे भाई तेजस्वी से भी मैं एक बात कहना चाहता हूं। मैं अक्सर कहता हूं कि तेजस्वी अर्जुन और मैं कृष्ण जैसा हूं। मैं उसे उसका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि वह अब दूध पीते बच्चे नहीं हैं। अगर ऐसा चलता रहा तो वह कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।'

भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्य के प्रवक्ता निखिल आनंद ने तेज प्रताप यादव कहा कि जिन परिवार के सदस्यों ने ऐश्वर्या को अपमानित करने में तेज प्रताप यादव का समर्थन किया था, उन्होंने अब उनसे मुंह मोड़ लिया है और उनके साथ पागलों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। 

साथ ही कहा कि तेज प्रताप राजनीतिक रूप से परिपक्व हैं, लेकिन बड़े बेटे होने के बावजूद उन्हें अपने ही पिता द्वारा स्थापित पार्टी में दरकिनार कर दिया गया है। आनंद ने कहा कि वह अपने खिलाफ साजिश को कभी नहीं समझ सके।

विपक्षी एकता के जरिये देशभर में भाजपा का काट ढूंढ़ने के महागठबंधन के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। लंबे अंतराल के बाद पटना पहुंचने के पहले ही राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने तेवर दिखा दिए। उन्होंने बिहार में कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि कुशेश्वरस्थान सीट कांग्रेस को हारने और जमानत जब्त कराने के लिए नहीं दे सकते।

 राजद सुप्रीमो ने कहा, कांग्रेस से क्या गठबंधन होगा, क्या मतलब है गठबंधन का? दो दिन पहले बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास ने राजद पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि राजद का पर्दे के पीछे से भाजपा से मिलीभगत है और अब बिहार में कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा नहीं है। अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सभी चालीस सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लालू के कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान पर कांग्रेस  के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि लालू की टिप्पणी केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे दलित समुदाय का अपमान है।