विद्युत विभाग की जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में डीएम ने दिखाये कड़े तेवर

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

बहराइच। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत विभाग, बहराइच की जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, बलहा की श्रीमती सरोज सोनकर, सदस्य विधान परिषद हाजी इमलाक खॉ के प्रतिनिधि मेराज खॉ, सदर विधायक श्रीमती अनुपमा जायसवाल के प्रतिनिधि शिवम जायसवाल, मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत ए.एस. रघुवंशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान विधायक पयागपुर द्वारा सुझाव दिया गया कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर विभागीय अधिकारी व कर्मचारी तत्काल एक्शन आयें ताकि लोगों को ज्यादा दुशवारी न हो। श्री त्रिपाठी ने सभी उप खण्ड अधिकारियों को सुझाव दिया गया कि क्षेत्र के लाइनमैन को क्रियाशील करें आमजन की ओर से आने वाले फोनकाल्स को तत्काल अटैण्ड भी किया जाय। बैठक के दौरान परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि के सम्बन्ध में अधि.अभि. कैसरगंज द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम बैनी, इन्दिरापुर, सेवड़ा एवं त्रिकुलिया में स्थापित विद्युत परिवर्तकों की क्षमता वृद्वि का कार्य पूर्ण कर लिया गया है शेष परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि का कार्य रिवेम्पड योजना में सम्मिलित कर लिया गया है।

विधायक बलहा श्रीमती सोनकर व सदर विधायक के प्रतिनिधि द्वारा मोतीपुर से निर्गत मिहीपुरवा फीडर के विभक्तिकरण के कार्य को शीघ्र पूर्ण करने हेतु दिये गये सुझाव पर अधि.अभि. नानपारा ने बताया कि रेलवे विभाग से अनुमति प्राप्त हो चुकी है तथा विभक्तिकरण का कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, एक सप्ताह में फीडर ऊर्जीकृत हो जायेगा। रिवेम्प्ड योजना अन्तर्गत चयनित कार्यो को शीघ्र शुरू कराये जाने के सुझाव पर अधीक्षण अभियन्ता ने बताया कि रिवेम्पड योजना का कार्य प्राथमिकता पर स्वीकृति की प्रक्रिया के अन्तर्गत है, स्वीकृति के उपरान्त प्राथमिकता पर कार्य पूर्ण कराये जायेगें। बैठक के दौरान उप खण्ड अधिकारियों व अवर अभियन्ता से अपेक्षा की गयी कि जनससमयाओं को त्वरित निदान सुनिश्चित करायें। एम.एल.सी. प्रतिनिधि द्वारा प्रस्तावित रिवेम्पड योजना के कार्यो पर सहमति जतायी गयी।

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने निर्देष दिया कि बैठक में मा. प्रतिनिधियों की ओर से जो भी सुझाव प्राप्त हुए है उसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय। डॉ. चन्द्र ने निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त परिवर्तकों को प्राथमिकता पर बदलने की कार्यवाही के साथ-साथ निजी नलकूप उपभोक्तओं की जर्जर लाइनों को चिन्हित कर वर्तमान प्रस्तावित योजना में सम्मिलित किया जाय। डीएम ने मीटर रीडरों के कार्यो की समीक्षा कर बिलिंग की गुणवत्ता की मानिटरिंग करने तथा रिवेम्पड योजना के अन्तर्गत प्रस्तावित 17 अदद् नये 33/11 के.वी. विद्युत उपकेन्द्रो हेतु एसडीएम से समन्वय कर भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिये ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन हो सके।  

जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने विभागीय अधिकारियों को सुझाव दिया कि अगले 10 वर्षो को ध्यान में रखते हुये पॉवर परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि करायी जाय। बैठक में मौजूद उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के निस्तारण हेतु लाइनमैनों को अपने स्तर से कड़ी चेतावनी देते हुये लाइनफाल्ट व अन्य प्रकार के दोषों को समय से ठीक कराया जाय ताकि क्षेत्रीय जनता विभागीय कार्यों से संतुष्ट रहे।

बैठक के दौरान डीएम द्वारा यह पूछने पर कि कितने उपखण्ड अधिकारियों के मोबाइल में डीएम व सीडीओ के मोबाइल नम्बर सेव हैं। उपखण्ड अधिकारी विजय कुमार व अजय कुशवाहा की ओर हॉ में उत्तर प्राप्त हुआ जबकि अन्य उप खण्ड अधिकारी आनन्द सिंह, हर्ष राज रस्तोगी, शैलेन्द्र मिश्रा, शैलेन्द्र गुप्ता, अवधेश पटेल, सुनील कुमार दुबे कोई जवाब नहीं दे सके। इसके अलावा रंजीतपुर के उप खण्ड अधिकारी वेद प्रकाश यादव के बिना किसी सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने पर डीएम ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए विद्युत वितरण चाण्ड नानपारा व कैसरगंज अन्तर्गत समस्त उप खण्ड अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान किये जाने का निर्देश दिया।

बैठक के अन्त में डीएम ने विभागीय अधिकारियों का आहवान किया कि विभाग की महत्ता को मद्देनज़र रखते हुए सभी जिम्मेदारान पूर्ण मनोयोग से अपने दायित्वों का निर्वहन करें जिससे जनमानस एवं उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्राप्त हो सके।