सर्वाइकल की समस्या से रहत देंगे ये योगाभ्यास

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

लगातार कई घंटों तक कंप्यूटर पर काम करते रहने और जीवनशैली से जुड़ी कई अन्य आदतों के कारण कम उम्र में हो लोगों को सर्वाइकल की समस्या होने लगती है। कोरोना के इस दौर में वर्क फ्रॉम होम करने वाले ज्यादातर लोगों में सर्वाइकल के दर्द की समस्या का निदान किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक गर्दन के पिछले हिस्से में होने वाली इस तरह की दर्द की समस्या के कारण लोगों के लिए सामान्य जीवन के कामकाज करना भी कठिन हो जाता है। सर्वाइकल के कारण लोगों को गर्दन में दर्द के साथ कुछ लोगों को हाथ और पांव में भी दर्द की समस्या हो सकती है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक रहने वाली सर्वाइकल की समस्या के कारण सामान्य जीवन के कार्य प्रभावित हो सकते हैं। वहीं कुछ बहुत ही आसान योगासनों के नियमित अभ्यास से इन समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। आइए आगे ऐसे ही कुछ योगाभ्यासों के बारे में जानते हैं।

मत्स्यासन योग के लाभ

सर्वाइकल की समस्या को दूर करने के लिए मत्स्यासन योग का अभ्यास करना आपके लिए लाभदायक हो सकता है। गर्दन और रीढ़ की हड्डी के लिए इस अभ्यास को काफी फायदेमंद माना जाता है। थाइरॉइड की समस्या में भी इस योग को लाभदायक माना जाता है।  इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले अपनी पीठ के बल लेट जाएं और अपनी बाहों को अपने शरीर के नीचे मोड़ें। अपने सिर और छाती को ऊपर उठाएं, सांस लें और फिर अपनी पीठ को झुकाते हुए सिर को जमीन पर टिका दें। अपनी कोहनियों से पूरे शरीर का संतुलन बनाए रखें। गहरी सांस लें और छोड़ें। जब तक आप सहज हों तब तक इस स्थिति को बनाए रखें।

भुजंगासन

भुजंगासन यानी कि कोबरा पोज योग को गर्दन और रीढ़ के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। सर्वाइकल की समस्या को दूर करने में इस योग के लाभ हो सकते हैं। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेटकर हथेली को कंधों के नीचे रखें। सांस लेते हुए और शरीर के अगले हिस्सों को ऊपर की और उठाएं। 10-20 सेकंड्स तक इसी स्थिति में रहें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं। भुजंगासन कई और स्वास्थ्य समस्याओं में लाभदायक माना जाता है।

नेक रोल योग

सर्वाइकल के दर्द को दूर करने के लिए नेक रोल अभ्यास करना फायदेमंद हो सकता है। इसे आप बैठे-बैठे कभी भी कर सकते हैं। इसके लिए अपनी गर्दन को ऊपर-नीच, दाएं-बाएं चारों तरफ धीरे-धीरे घुमाएं। ऐसा करने से गर्दन में रक्त का संचार बढ़िया बना रहता है और सर्वाइकल की समस्या को दूर करने के लिए इस अभ्यास को खाली समय में करते रहना चाहिए।