मां हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत, एडीएम ने दिए जांच के आदेश

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

कन्नौज । ऐसे तो जनपद में कई मामले सामने आए हैं। लेकिन यह मामला बेहद चौंकाने वाला है। जहां एक नर्सिंग होम संचालक ने एक बच्चे के बुखार के इलाज के 27000 तीन दिन में वसूल किए पीड़ित ने अपने बच्चे की खातिर रुपए की व्यवस्था अपने जेवर बेचकर की और नर्सिंग होम संचालक को पैसे अदा की है। इतना रूपा खर्च करने के बाद भी उसे आराम नहीं मिला तब पीड़ित ने अपने बच्चे को नर्सिंग होम से फतेहगढ़ एक निजी नर्सिग होम में भर्ती कराया जहां बच्चे की जान बची।

जी हां आपको बताते हैं पूरा मामला गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के सर्विस रोड का है जहां मां नर्सिंग होम के नाम से एक हॉस्पिटल संचालित है जिसमें जलालाबाद की रहने वाली विनीता पत्नी श्यामू ने अपने बच्चे को गुरसहायगंज स्थित मां हॉस्पिटल ने दिखाया जिसमें हॉस्पिटल के संचालक ने बच्चे को बेहद गंभीर होने का कारण बताते हुए बच्चे को भर्ती कर लिया और उसका इलाज शुरू कर दिया जब तीन दिन तक बच्चे को कोई आराम नहीं मिला तो पीड़ित ने हॉस्पिटल संचालक से छुट्टी करने की गुहार लगाई जिस पर संचालक ने कहा कि पहले दवाई और बेड चार्ज का 27000 जमा करो उसके बाद बच्चे की छुट्टी की जाएगी इतना सुनते ही गरीब फरियादी के पैरों तले जमीन खिसक गई 15 दिन में इतनी बड़ी रकम आखिर क्या गंभीर बीमारी थी बच्चे को जो इतना रुपया हॉस्पिटल संचालक द्वारा मांगा गया पीड़ित के सामने उसके बच्चे की जिंदगी और मौत दिखाई दे रही थी पीड़ित महिला ने अपने गहने बेचकर हॉस्पिटल संचालक को 27000 की रकम चुकता की उसके बाद पीड़ित महिला अपने बच्चे को लेकर फतेहगढ़ एक निजी नर्सिंग होम में चली गई जहां हुआ है एक दिन में ही बच्चे को दवाई दिला कर चली आई।

जिसकी शिकायत आज पीड़ित विनीता पत्नी श्यामू ने जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र से की वहीं बैठे अपर जिलाधिकारी ने पीड़ित की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मां हॉस्पिटल के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं उनका कहना था जांच के बाद कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

अब सवाल यह उठता है क्या 15 दिन में इतनी बड़ी रकम गरीब परिवार से अवैध तरीके से वसूलना यह सरासर गलत तो है ही साथ ही जिला प्रशासन के यहां की खोलने के लिए एक मांगी है कि ऐसे कई पीड़ित इस हॉस्पिटल के शिकार हो चुके होंगे ऐसे हॉस्पिटल पर अंकुश ही नहीं कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उधर पीड़ित का कहना है कि अगर हमारे यहां नहीं सुनी गई मुख्यमंत्री के यहां अपनी गुहार लगाएंगे हॉस्पिटल के खिलाफ कानूनी तौर पर एवं नियमानुसार कार्यवाही करवाएंगे जब तक कार्यवाही नहीं होती तब तक हम शांत नहीं बैठेंगे।

आपको बता दें मा हॉस्पिटल संचालक बेहद दबंग किस्म का आदमी है सत्ता के रसूख के दम पर अपने हॉस्पिटल का संचालन करता है कोई भी पीड़ित या फरियादी इसके खिलाफ मुंह खोलने से डरते हैं।