अष्टमी पर करें यह उपाय, मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, आरोग्यता का मिलेगा आशीर्वाद

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

नवरात्रि पर अष्टमी पूजा का विशेष महत्व है। अष्टमी तिथि पर मंत्रोचार और हवन से मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और आरोग्यता का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं कुछ उपाय के बारे में। 

मान्यता है कि नवरात्रि में किए गए उपाय बहुत शीघ्र कारगर होते हैं। नवरात्र में वास्तु से जुड़े उपायों को करने से मां की कृपा प्राप्त होती है। मां के आशीर्वाद से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। नवरात्र में अष्टमी या नवमी पर घर के मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के पैरों के चिह्न लगाएं। पैरों की दिशा घर के अंदर की तरफ होनी चाहिए। आम और अशोक के पत्तों का बंदनवार घर के मुख्य दरवाजे पर बांधें। अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन अवश्य करें। मां लक्ष्मी को केसर या हल्दी में रंगे पीले चावल अर्पित करें। नवरात्र में अष्टमी या नवमी पर घर के मुख्य द्वार पर श्री गणेश का चित्र लगाएं। घर के मंदिर में ध्वज स्थापित करें। अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। नवरात्रि के दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। दुर्गा सप्तशती का पाठ करने या सुनने से सभी तरह के दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है। स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से मुक्ति मिलती है। जीवन में स्थिरता आती है। परीक्षा में सफलता प्राप्त न कर पाने वाले लोगों को दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करना चाहिए। अष्टमी तिथि के दिन पूजन करने से दांपत्य जीवन में खुशियां आती हैं। दुर्गाष्टमी के दिन लाल रंग के वस्त्र धारण कर तांबे के पात्र से सूर्यदेव को अर्ध्य दें। इस दिन मां गौरी का शृंगार करें। उन्हें लाल चुनरी से सुसज्जित करें। दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए पति-पत्नी साथ मिलकर पूजन करें।