कश्मीर में पंपोर के द्रंगबल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर उमर मुश्ताक घिरा

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

जम्मू : कश्मीर में पंपोर के द्रंगबल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। पुलिस, सेना की 50-आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही है। मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर उमर मुश्ताक खांडे घिरा हुआ है। मुश्ताक श्रीनगर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या में भी शामिल रहा है। मुश्ताक के घिरे होने की पुष्टि कश्मीर जोन के आईजी विजय कुमार ने भी की है। 

जानकारी मिल रही है कि एलओसी से सटे राजोरी और पुंछ जिलों की सीमा पर जंगल में छिपे आतंकी नए तरीके अपनाकर हमले कर रहे हैं। चार दिन में आतंकी दो अलग-अलग जगह घात लगाकर किए गए हमलों में दो जेसीओ समेत आठ जवानों को शहीद कर चुके हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार पांच दिन से ऑपरेशन चल रहा है। आतंकियों ने दो हमले किए और दोनों ही बार सेना को ही नुकसान पहुंचा है। 

यह दर्शाता है कि आतंकियों ने इस तरह के हमलों की खास ट्रेनिंग ले रखी है। सोमवार को पहले हमले में जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। पहले हमले वाली जगह से दूसरे हमले का स्थान एलओसी की ओर पड़ता है। यानी हमलावर आतंकी कश्मीर की ओर नहीं बल्कि वापस एलओसी की दिशा में आकर छिप गए हैं। ऐसे में मेंढर के जंगलों में आतंकियों के ठिकाने होने की आशंका है। 

पंगेई व चमरेड़ के जंगल क्षेत्र में हमला करने के बाद आतंकी सेना के जवानों का कुछ सामान साथ ले गए थे। बारिश और ठंड में जवानों ने जो कंबल ले रखे थे, वो अब मेंढर में नाड़ खास के जंगल से बरामद हुए हैं। इससे साफ है कि यही आतंकी वापस मेंढर आकर छिप गए हैं और यहां फिर से घात लगाकर हमला कर जंगल में छिप गए हैं।

अभी तक सामने आ रही सूचनाओं के अनुसार इन आतंकियों के शार्प शूटर होने की आशंका है। शहीद हुए जवानों के शरीर के ऊपरी हिस्से (सिर, गर्दन) को निशाना बनाकर फायरिंग की गई है। सूचनाएं हैं कि यह आतंकी पाकिस्तानी हैं, जिन्हें सामान्य मोडस ओपरांडी से हटकर ट्रेनिंग दी गई है।